जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व उनकी पत्नी के बीच जारी विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने उमर की तलाक संबंधी याचिका पर नोटिस जारी कर उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजयोग व न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ ने पायल को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 17 नवंबर तय की है।

घाटी में हिंसा पर काबू पाने के लिए पैलेट गन के विकल्प के रूप में आया पावा शेल सुरक्षा बलों के लिए मुसीबत बन गया है। हवा के विपरीत रुख से इस शेल के धुएं से जवान खुद ही परेशान हो रहे हैं। यही वजह है कि घाटी में सुरक्षा बल इसका उपयोग करने से बच रहे हैं। घाटी भेजे गए 1000 पावा शेल में से अब तक कुछ का ही इस्तेमाल किया गया है। विपक्ष के हंगामे तथा पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग पर गृह मंत्रालय ने एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था। इसने इसके स्थान

पिछले दो महीने से हिंसा की मार झेल रहे दक्षिणी कश्मीर में सरकार ने सेना की तैनाती को बढ़ाने का फैसला लिया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दक्षिणी कश्मीर के जिन शांत इलाकों से सेना को हटाया गया था, उन इलाकों में दोबारा सेना की तैनाती की जाएगी। हालांकि बार-बार सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि सेना को हिंसा से निपटने के लिए नहीं बल्कि आतंकवाद से निपटने के लिए तैनात किया जा रहा है।

कश्मीर के कुलगाम इलाके में आतंकियों ने पूर्व नेशनल कांफ्रेंस के नेता के घर हमला कर वहां से छह राइफलें लूट ली। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीती रात कुछ आतंकी नेशनन कांफ्रेंस के ब्लाक प्रमुख अब्दुल रशीद के घर हमला किया। इसी दौरान उन्होंने गार्ड रूम से हथियार लूट लिए। सूत्रों के मुताबिक गार्ड रूम से दो इंसास, एक एसएलआर, दो एके-47 और एक 303 राइफल की लूट हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सुरक्षा बलों ने पूरी इलाके को सील कर आतंकियों की तलाश शुरू कर

अलगाववादियों को पाकिस्तान से खतरा है और इसलिए उन्हें भारत सरकार की ओर से सुरक्षा मुहैया कराई गई है। यह कहना था केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का। पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. सिंह ने जम्मू में एक कार्यक्रम के बाद पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि अलगाववादियों को भारत से कोई खतरा नहीं है। पर भारत को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान उन पर हमले करा सकता है। इसके चलते अलगाववादियों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उन्होंने इस बारे में मिसाल देते हुए कहा कि अब्दुल गनी लोन, मौलवी फारूक जैसे अलगाववादी नेताओं के साथ क्या हुआ यह किसी

कर्फ्यू हटते ही कश्मीर घाटी में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। शनिवार को हुई ताजा हिंसा में दो युवकों की मौत हो गई जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह शोपियां में बडी़ संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकल आए और देश विरोधी प्रदर्शन करने लगे। इसी बीच भीड़ में से कुछ युवकों ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। हालात को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इसी दौरान आंसू गैस की शेल लगने से एक युवक की मौत हो गई।

कश्मीर हिंसा पर सरकार अब विदेशी फंडिंग को बर्दाश्त करने के मूड में नजर नहीं आ रही है। जिसके चलते एनआईए ने कश्मीर में हो रही फंडिंग की जांच तेज कर दी है। दरअसल कुछ दिन पहले सरकार को कश्मीर हिंसा में बाहर से फंडिंग की जानकारी मिली। सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी में इस बात का जिक्र था कि आतंकी कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए सामान्य खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस पर एनआईए ने जांच शुरू की। एनआईए दो खातों पर अपना फोकस कर रही है।

दो दिन का जम्मू-कश्मीर दौरा पूरा दिल्ली लौट चुके सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल ने शिद्दत से महसूस किया है कि अमन की राह में अब भी बाधाओं के पहाड़ खड़े हैं। बातचीत की पहल पर अलगाववादियों का रुख नकारात्मक रहा। आतंक का पोषण करने वाले कट्टरपंथियों को इस पहल के नाकाम होने में अपनी जीत नजर आने लगी है। लश्कर-ए-तैयबा ने सर्वदलीय टीम के लिए दरवाजा बंद करने पर अलगाववादियों की सराहना कर अपने हिंसक मंसूबे जाहिर कर दिए हैं। केंद्र की नरमी और केंद्रीय दल की पहल के बावजूद विश्वास का माहौल बनाने की कोशिश उम्मीद के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पाई।

घाटी में अब उपद्रवियों ने सरकारी इमारतों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को कुछ शरारती तत्वों ने बारामुला में एक सरकारी दफ्तर में आग लगा दी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह कुछ शरारती तत्व बारामुला के खुजबाग स्थित सरकारी इमारत में दाखिल हुए और उसमें आग लगा दी। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि आज इलाके में कोई प्रदर्शन और रैली नहीं निकाली गई, ऐसे में कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर इमारत को आग के हवाले किया। आग से कितना नुकसान हुआ है इसका आंकलन नहीं किया जा सका है।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के श्रीनगर से लौट जाने के बाद भी घाटी के कुछ इलाकों में कर्फ्यू और पाबंदियां जारी हैं। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में हुई हिंसक झड़पों में 50 से ज्यादा लोग और सुरक्षा बल घायल हुए हैं। कुलगाम जिले के जंगलपोरा इलाके में सुरक्षा बलों की ओर से राष्ट्र विरोधी रैली को नाकाम बनाया गया। इस दौरान हुई हिंसक झड़प में 17 से ज्यादा लोग और सुरक्षा बल के जवान घायल हो गए।