अशोका यूनिवर्सिटी का दावा है कि उन्होंने अपने दो मैनेजर और एक प्रोफेसर को कश्मीर पर पीटिशन साइन करने के चलते यूनिवर्सिटी छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया। हालांकि यूनिवर्सिटी की फैकल्टी काउंसिल के दो ईमेल से कुछ और ही खुलासा हुआ है। दरअसल गणित के प्रोफेसर राजेंद्र नारायण, अकादमिक मामलों के उप प्रबंधक सौरव गौस्वामी और अकादमिक मामलों के कार्यक्रम प्रबंधक आदिल मुश्ताक शाह ने जुलाई 2016 में 85 छात्रों के साथ कश्मीर पर एक पेटिशन साइन की थी। इस याचिका में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मौत के बाद हुई हिंसा की निंदा की थी और जम्मू-कश्मीर में

जम्मू-कश्मीर की सरहद पर दहशत का एक्सपोर्ट करने की नापाक कोशिशें जारी हैं. बीती रात जम्मू के परगवाल सेक्टर में बीएसएफ ने एक घुसपैठिये को मार गिराया है. ये घुसपैठिया परगवाल इलाके में बॉर्डर पार करने की कोशिश कर रहा था. लेकिन सीमा के पास ही मारा गया. ऐसे हुआ एनकाउंटर इस शख्स की उम्र 40-45 साल बताई जा रही है. उसके पास से हथियार और गोली-बारूद भी बरामद हुआ है. बीएसएफ प्रवक्ता के मुताबिक ये शख्स रात को चादर ओढ़कर सरहद की ओर बढ़ रहा था. बीएसएफ जवानों ने उसकी पहचान पूछी लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. लिहाजा जब मूवमेंट

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने सेना पर हमला कर दिया. इस हमले में तीन जवान शहीद हो गये जबकि एक महिला की मौत हो गई. क्रॉस फायरिंग के दौरान सेना के सात जवान गोलियां लगने से घायल हो गए. ये हमला गुरुवार रात उस वक्त हुआ जब सेना के जवानों की टुकड़ी मुलू चित्रागम इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी. इसी दौरान आतंकियों ने सेना पर फायरिंग शुरु कर दी. इसमें तीन जवान शहीद हो गये जबकि एक महिला की भी मौत हो गई. घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कुलगाम में हुआ था एनकाउंटर इसी महीने की शुरुआत

जम्मू राजौरी के केरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर बीएसएफ ने एक आतंकी को मार गिराया और घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. सोमवार देर रात को बीएसएफ के जवानों ने एलओसी पर कुछ संदिग्ध हरकत देखी. तीन से चार आतंकी फेंस के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, जब उन्होंने जवानों को देखा तो उनपर गोलीबारी शुरू कर दी. मिली जानकारी के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक आतंकियों ने बीएसएफ जवानों पर गोलाबारी की. भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया और बाकी बचे हुए आतंकी पहाड़ी इलाके और जंगल का फ़ायदा उठाकर

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ का कहना है कि उनके प्रशासन ने कश्मीर में आजादी के लिए लड़ रहे लोगों को अपने वश में कर रखा था, लेकिन बाद में यह लगा कि भारत के साथ मुद्दे पर बातचीत के लिए राजनीतिक प्रक्रिया की जरूरत है. 1999 में तख्तापलट के बाद पाकिस्तान की सत्ता पर आसीन हुए मुशर्रफ 2001 से 2008 तक राष्ट्रपति रहे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भारत को उन मुद्दों पर चर्चा के लिए मजबूर करने में सक्षम थी, जिस पर वह बातचीत करने का इच्छुक नहीं था. समाचार चैनल 'दुनिया न्यूज' को दिए साक्षात्कार में उन्होंने

श्रीनगर आतंकवादियों के मददगारों को लेकर आर्मी चीफ के बयान के एक दिन बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर में कुछ ऐसे इलाके हैं जहां स्थानीय लोगों पर आतंकवादियों का दबाव है कि वे भागने में उनकी मदद करें. इस वजह से आतंकवाद निरोधक अभियानों को नुकसान पहुंच रहा है. सीआरपीएफ के आईजी (ऑपरेशन्स) जुल्फिकार हसन ने कहा कि सुरक्षा बल भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बेहद संयम से कार्रवाई करते हैं ताकि कोई अतिरिक्त नुकसान न हो और वहां के निवासी आतंकवादियों की धमकियों के आगे घुटने न टेकें. CRPF के शीर्ष अधिकारी की यह टिप्पणी ऐसे

सांबा जिले में पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के समीप पाकिस्तान की ओर से बनाई गई एक सुरंग का पता चला है जिसका इस्तेमाल आतंकियों की घुसपैठ में किए जाने की आशंका है। सीमा सुरक्षा बल को सुरंगों को हटाने की मुहिम के तहत इस सुरंग का सोमवार को पता चला। रामगढ़ सेक्टर के भारतीय क्षेत्र में पाई गई यह सुरंग करीब 20 मीटर लंबी है। सुरंग 2.5 गुणा 2.5 फीट के आकार की है। इस सुरंग का मुंह पाकिस्तान के इलाके में है और इसका अंतिम सिरा 20 मीटर दूर इलाके में सीमा पर लगे तार के पास है।

जम्मू जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ को एक सुरंग मिली है, जिसका एक मुहाना पाकिस्तान की ओर है. माना जाता है कि इसका इस्तेमाल आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए लिए किया जाना था. बीएसएफ की एंटी टनल एंड डिटेक्टिंग टीम सोमवार को रामगढ़ सेक्टर में गश्त लगा रही थी, तभी उसे एक जगह पर कुछ शक हुआ. जांच के दौरान वहां 20 मीटर लंबी सुरंग मिली. इसका एक सिरा भारत और दूसरा पाकिस्तान में था. यह सुरंग इंटरनेशनल बॉर्डर पर लगी फेंसिंग के नीचे से गुजर रही थी. ये टनल 2.5 फीट चौड़ी और 2.5 फीट ऊंची है. बीएसएफ के

जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच जारी मुठभेड़ में एक आतंकी के मारे जाने की खबर है. फायरिंग के दौरान कई स्थानीय लोगों के घायल होने की खबर है. मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हो गए हैं, जबकि कई जवानों के घायल होने की खबर है. वहीं फायरिंग के दौरान हाजिन इलाके में कई जगह पत्थरबाजी की खबरें आई हैं. सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा था पुलिस ने यहां बताया कि सुरक्षा बलों ने जिले के हाजिन इलाके के पारे मोहल्ला में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके को घेर लिया था और

जम्मू राष्ट्रगान का सम्मान न करने पर पुलिस ने यहां दो कश्मीरी युवकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कहा कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में रहने वाले जावेद अहमद तीली और उत्तरी कश्मीर के हंदवारा के रहने वाले मुदासिर अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. जम्मू के नरवाल इलाके में सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजने पर दोनों युवकों ने खड़ा होने से मना कर दिया था. दोनों को यहां अदालत से जमानत दे दी गई. पुलिस ने कहा, 'नारवाल पुलिस चौकी में दोनों युवकों के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम, 1971 की धारा 2/3