शिमला: ब्लू व्हेल गेम ने ली एक और बच्चे की जान

हिमाचल के जिला सोलन के बाद अब ब्लू व्हेल गेम ने जिला शिमला के ठियोग के एक बच्चे की जान ले ली है। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि ब्लू व्हेल गेम से उनके बच्चे की जान गई है। स्टोर रूम में फंदा लगाने से पहले उसने सुसाइड नोट भी लिखा है।
यह बच्चा मिस्त्री के मोबाइल फोन पर अकसर गेम खेलता था। हालांकि बच्चे की मौत को लेकर उसके परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज नहीं करवाया है। ब्लू व्हेल गेम का असर अब जिला शिमला में भी पड़ चुका है। इस गेम का जिले में पहला शिकार ठियोग के साथ लगती देहा पंचायत के बागड़ी गांव के रहने वाले एक बच्चा बना है। इसने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

बच्चे की पहचान देहा के गुरूकुल पब्लिक स्कूल के पांचवी कक्षा में पढ़ने वाला अमित कुमार (11) पुत्र श्याम नंद, गांव बागड़ी देहा के रूप में हुई है।

सोशल मीडिया पर बहुचर्चित जानलेवा गेम ब्लूवहेल गेम ने इस बच्चे की जान ली है ऐसा परिजनों का आरोप है। विद्यालय के अध्यापक ज्ञान वर्मा ने कहा कि उसके परिजनों से पता चला है कि अमित के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा है, मुझे देखना है तो स्टोर रूम में आना और सुनो मुझसे कोई प्यार नहीं करता।

इसलिए मैं जा रहा हूं, आपका ओह नही मैं अमित यह सजा नहीं है कि नस काटनी बगैरा बगैरा, मैं अपने आप को फांसी दे रहा हूं। सॉरी आप मुझे देख नहीं पाएंगे।इस सुसाइड नोट के साथ अमित ने एक पजल भी बनाया है, जिसे उसने सुलझा कर भरा है, जोकि समझ में नहीं आ रहा। बच्चे की मौत को लेकर उसके परिजनों ने मामले को पुलिस में दर्ज करवाने से मना कर दिया है।

विद्यालय के अध्यापक ज्ञान कुमार ने बताया कि सोमवार को बच्चों को ब्लू व्हेल गेम न खेलने को लेकर कार्यशाला का आयोजन कर जागरूक किया था। इस दौरान अध्यापकों ने बच्चों के बाजुओं की भी जांच की थी लेकिन मंगलवार देर शाम अमित ऐसा करेगा किसी को अंदेशा नहीं था। बच्चे के जीजा ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि अमित घर के कार्य में लगे मिस्त्री का फोन इस्तेमाल करने को लेता था। उसके पिता सेना से रिटायर हुए हैं तो फोन इस्तेमाल करना बच्चे के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित था।

उसके जीजा गुरूकुल पब्लिक स्कूल में अध्यापक हैं।  उन्होंने बताया कि वह पढ़ाई में भी सामान्य था। साथ ही स्वभाव का भी नेक था। बीते दिनों विद्यालय में हुई शारीरिक जांच में भी अमित के शरीर पर कोई निशान नहीं मिले। हालांकि फंदे से छुड़ा कर परिजनों ने जिंदा रहने की आस पर अमित को सिविल अस्पताल ठियोग लाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ब्लू व्हेल गेम का शिकार हुआ अमित अपने पीछे माता-पिता के अलावा दो बहनों को छोड़ गया है। हालांकि सेना से रिटायर पिता और उसकी मां दोनों घर पर ही रहते हैं। उन्हें क्या मालूम था कि उनका बेटा नई डिजिटल जिंदगी को ही अपनी मौत का कारण बना लेगा। एसपी शिमला सौम्या सांबशिवन ने कहा कि अभी प्रथम चरण में मामले की जांच चल रही है। सुसाइड नोट बरामद हुआ है। आत्महत्या की स्पष्ट वजह छानबीन के बाद ही सामने आएगी। छात्र किसका मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था यह कहना अभी मुश्किल है। व्लू व्हेल चैलेंज के पहलू पर भी छानबीन हो रही है।

उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अब तक कई स्कूलों के साथ कई बैठकें कर ली हैं। ब्लू व्हेल चैलेंज के बारे में भी सचेत किया गया है। प्रशासन की आम जनता से अपील है कि अभिभावक अपने बच्चों को समय दें  और बच्चों की गतिविधियोंपर नजर रखें।

Share With:
Rate This Article