देश की थोक महंगाई दर में दोगुना इजाफा, अगस्त में बढ़कर 3.24 फीसदी, लोगों का बिगड़ा बजट

नई दिल्ली

प्याज समेत सब्जियों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी के चलते अगस्त महीने में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर चार महीने के उच्च स्तर 3.24 प्रतिशत पर पहुंच गयी. थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति जुलाई 2017 में 1.88 प्रतिशत व अगस्त 2016 में 1.09 प्रतिशत थी. इससे पहले अप्रैल में मुद्रास्फीति में इस तरह की तेजी देखने को मिली थी जब यह 3.85 प्रतिशत रही.

सरकार द्वारा गुरुवार (14 सितंबर) को जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त महीने में खाद्य पदाथों की कीमतें सालाना आधार पर 5.75 प्रतिशत बढ़ी जो जुलाई में 2.15 प्रतिशत रही थी. आलोच्य महीने में सब्जियों के दाम 44.91 प्रतिशत बढ़े, जबकि जुलाई में यह वृद्धि दर 21.95 प्रतिशत रही थी. इस दौरान प्याज के दाम 88.46 प्रतिशत बढ़े जबकि पूर्व महीने में इसमें 9.50 प्रतिशत की गिरावट आई थी.

विनिर्माण उत्पादों की मुद्रास्फीति अगस्त में 2.45 प्रतिशत बढ़ी, जबकि जुलाई में इसमें 2.18 प्रतिशत बढोतरी हुई थी. ईंधन तथा बिजली खंड की मुद्रास्फीति इस दौरान 9.99 प्रतिशत हो गई. वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच पेट्रोल व डीजल के दामों में उछाल के चलते ईंधन मुद्रास्फीति बढ़ रही है. घरेलू उत्पादन कम रहने के कारण बिजली की शुल्क दरों में तेजी आई.

सब्जियों के अलावा दाल, फल (7.35 प्रतिशत), अंडा, मीट व मछली (3.93 प्रतिशत), अनाज 0.21 प्रतिशत व धान 2.70 प्रतिशत की तेजी आई. जून महीने के लिए थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के अंतिम आंकड़े में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसी सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त महीने में पांच महीने के उच्च स्तर 3.36 प्रतिशत पर रही.

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