हलीमा याकूब बनी सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति

सिंगापुर

पार्लियामेंट की पूर्व स्पीकर हलीमा याकूब को सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति चुना गया है। चुनाव में वो इकलौती योग्य उम्मीदवार थीं। नतीजा घोषित होने के बाद हलीमा ने चुनाव विभाग के कार्यालय में कहा, ‘हालांकि यह एक आरक्षित चुनाव है, लेकिन मैं एक आरक्षित राष्‍ट्रपति नहीं हूं। मैं देश के सभी नागरिकों की राष्ट्रपति हूं।’

बहुसांस्कृतिक देश में विशिष्टता को मजबूत करने के लिए सिंगापुर की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार इस बार राष्ट्रपति मलय मूल के समुदाय से चुना जाना था। इस बार अल्पसंख्यक मलय समुदाय के उम्मीदवारों के लिए राष्‍ट्रपति पद आरक्षित था।

हलीमा पार्लियमेंट की पूर्व स्‍पीकर हैं, इसलिए नामांकन नियमों के तहत वह इस पद के लिए योग्य थी। उनके अलावा राष्‍ट्रपति पद के लिए 4 और नामांकन आए थे। लेकिन इनमें से दो मलय नहीं थे और दो अन्‍य को पात्रता प्रमाण पत्र नहीं दिए गए। सिंगापुर में राष्ट्रपति पद पर पिछले मलय यूसुफ इसहाक थे, जिनकी फोटो देश के नोटों पर छपती है।

मलय मूल के आखिरी राष्ट्रपति यूसुफ इसहाक थे। वह देश के पहले राष्ट्रपति थे और 1965 से 1970 तक पद पर रहे थे। हलीमा याकूब (62) चालीस सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं। जनवरी 2013 में वह देश की पहली महिला संसद अध्यक्ष बनी थीं।

वह देश की पहली महिला राष्‍ट्रपति भी बन गई हैं। अगर राष्‍ट्रपति पद के लिए एक से ज्‍यादा आवेदन सही पाए जाते, तो सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 23 सितंबर होता।

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