हिमाचल में दवाओं की खपत बढ़ी, प्रति वर्ष 1,000 करोड़ रुपये पहुंचा आंकड़ा

शिमला

हिमाचल में एक साल में करीब एक हजार करोड़ रुपये की दवाओं की खपत हो रही है। साल दर साल दवाओं की खपत का आंकड़ा बढ़ रहा है। इनमें सरकार द्वारा दी जा रही नि:शुल्क दवाएं भी शामिल हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को बीमारियों से बचाव के साथ इनकी रोकथाम के लिए भी चिंता करने की जरूरत है।

दवाओं की बढ़ती खपत दर्शा रही है कि प्रदेश के कई लोग किसी न किसी बीमारी से पीडि़त रहे हैं। दवा नियंत्रक विभाग के अनुसार प्रदेश में दवाई की 5500 पंजीकृत दुकानें हैं। इनमें से करीब दो हजार थोक विक्रेता हैं। थोक की

दुकानों से साल में औसतन 40 लाख रुपये की दवाओं की बिक्री होती है। केवल मेडिकल स्टोरों में ही करीब 800 करोड़ रुपये की दवाओं की साल में खपत होती है। इसके अलावा प्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों के लिए इस वर्ष ही करीब 90 करोड़ रुपये की दवाएं खरीदी गई हैं। गत मंगलवार को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में दवाओं के लिए 71 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

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