ये हैं वो जज जिन्होंने डेरा प्रमुख को दी सजा, मिलेगी जेड प्लस सिक्योरिटी

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दस साल की सजा सुनाने वाले रीयल हीरो सीबीआइ के जज जगदीप सिंह हवाई मार्ग के जरिये सुनारिया जेल पहुंचे और अपना अभूतपूर्व फैसला सुनाने के बाद कड़ी सुरक्षा में हवाई मार्ग के जरिये ही वापस आ गए। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जज को कड़ी सुरक्षा में रखा गया था। भविष्य में किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए न्यायाधीश को जेड प्लस सिक्योरिटी देने पर विचार किया जा रहा है।

सीबीआइ जज जगदीप सिंह लोहान के सुनारिया जाने से लेकर वापसी तक न केवल कड़े सिक्योरिटी बंदोबस्त रहे, बल्कि उनके आसपास किसी को फटकने तक नहीं दिया गया। एसपी रैैंक के अधिकारी और कमांडो सीबीआइ जज की सिक्योरिटी में तैनात किए गए थे। 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराया गया था। उसी दिन अगर सजा सुनाई जाती तो हालात अधिक बिगड़ सकते थे। न्यायाधीश ने 28 अगस्त को सजा सुनाने की बात कही थी।

डेरा मुखी को दोषी करार दिए जाने के बाद राज्य में हुई हिंसा में 38 लोग मारे जा चुके हैैं। इसे देखते हुए हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि रोहतक की सुनारिया जेल में ही सीबीआइ अदालत लगाई जाए। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने सीबीआइ जज को हवाई मार्ग के जरिये सुनारिया जेल ले जाने का बंदोबस्त किया।

जगदीप सिंह लोहान दोपहर करीब 12 बजे के आसपास पंचकूला से पहले चंडीगढ़ के सेक्टर एक स्थित राजेंद्र नगर आए। वहां से उन्होंने हेलीकॉप्टर के जरिये सुनारिया के लिए उड़ान भरी। करीब दो बजे वे सुनारिया पहुंचे। सुनारिया जेल के लाइब्रेरी हाल में सीबीआइ की विशेष अदालत लगाई गई। कोर्ट की कार्यवाही ढाई बजे शुरू हुई और साढ़े तीन बजे तक निपट चुकी थी। जगदीप सिंह हेलीकॉप्टर के जरिये ही वापस लाए गए। उनके पंचकूला घर की भी कड़ी सुरक्षा की जा रही है।

 

सीबीआइ जज के साथ उनके स्टाफ के तीन सदस्य हवाई मार्ग के जरिये सुनारिया गए। जज अपना फैसला पहले ही लिखकर ले गए थे, लेकिन वहां दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद दस मिनट में उन्होंने अपना फैसला सुना दिया।

डेरा प्रमुख का बैग उठाने वाले डिप्टी एडवोकेट जनरल गुरदास सिंह सलारा को हालांकि सरकार ने सस्पेंड कर दिया है, लेकिन अब इस बात की तहकीकात की जा रही कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसने बनाया। इतनी टाइट सिक्योरिटी में भी वीडियो बनाने और उसके वायरल होने को सुरक्षा में सेंध माना जा रहा है। सीबीआइ कोर्ट पंचकूला के परिसर में कुछ ही लोगों को जाने की इजाजत थी। इसके बावजूद यह वीडियो बना लिया गया था। गुरदास सिंह डेरा प्रमुख के साले का साला बताया जाता है। हालांकि आरंभ में खबरें आई कि वह उसका भतीजा है।

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