बिहार में बाढ़ से हालात हुए बदतर, अब तक 341 लोगों की मौत

बिहार

बिहार में बाढ़ का कहर जारी है. दिनों दिन हालात बदतर होते जा रहे हैं. बाढ़ से अब तक 341 लोगों की मौत हो चुकी है. सूबे के 18 जिले बुरी तरह प्रभावित हैं. अररिया सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है. जहां अब तक 57 लोग बाढ़ की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं. चार लाख से ज्यादा लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है.एनडीआरएफ़ की 27, एसडीआरएफ की 15 टीमों के अलावा सेना की 6 टुकड़ियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं.

बिहार में बाढ़ के कारण बुधवार को 37 और लोगों की मौत की खबर मिली, जहां करीब 1.46 करोड़ से अधिक लोग अब भी इस विभीषिका से प्रभावित हैं. उत्तर प्रदेश में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है एवं बुधवार को दस और लोगों की मौत की खबर मिली है. बिहार में इस आपदा के कारण मरने वालों की संख्या 341 तक पहुंच गयी है और उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 82 तक पहुंच गया है.

हालांकि असम और पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में जलस्तर में कमी आने से बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है और राज्य में इस कारण किसी और व्यक्ति की मौत की सूचना नहीं मिली है.

बिहार में बाढ़ प्रभावित 18 जिलों के 7.61 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अगस्त को बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के बाद सड़क मार्ग से पूर्णिया पहुंचे. उनके साथ गए एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने राहत शिविरों का निरीक्षण किया.

अधिकारी ने बताया कि आज रात नीतीश कुमार पूर्णिया में ही ठहरेंगे और कल अररिया, कटिहार और किशनगंज जाएंगे. मौसम विभाग ने बताया कि राज्य में कल से एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है. सूबे में दक्षिण पश्चिम मॉनसून कमजोर पड़ रहा है. उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. सूबे में आज इस आपदा से दस और लोगों की जान चली गयी, जिससे इस साल बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है.

राहत आयुक्त के कार्यालय ने कल तक की स्थिति के बारे में तैयार रिपोर्ट को उद्धत करते हुए बताया, ‘‘राज्य में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है, जहां 25 जिलों के 2,855 गांव जलमग्न हैं. इससे 22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.’’ इसमें कहा गया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभावित जिलों के राहत शिविरों में करीब 50,000 लोगों ने शरण ली है जहां नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है. हालांकि रिहाइश वाले स्थानों और खेतों से पानी के स्तर में कमी आने से असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है और सूबे के 12 प्रभावित जिलों के लोगों को अधिक राहत मिली है.

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