पंजाब: पकड़े गए खालिस्तानी आतंकियों के पाकिस्तान और कनाडा से जुड़े हैं तार

पंजाब पुलिस को अन्य राज्यों से सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर विकसित किए सिस्टम ने वीरवार को बड़ी कामयाबी दिलाई। अमृतसर के स्पेशल आपरेशन सेल ने मध्यप्रदेश की एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के साथ मिलकर ग्वालियर में चलाए आपरेशन में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के दो और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) के एक आतंकी को गिरफ्तार कर लिया।

इनकी पहचान बलकार सिंह, बलविंदर सिंह और सतिंदर सिंह के रूप में हुई है। पंजाब पुलिस का दावा है कि इन तीनों का संबंध पाकिस्तान में रह रहे इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के चीफ लखबीर सिंह रोडे से हैं।

पंजाब पुलिस और एमपीएटीएस की टीमें बीते दो दिन से ग्वालियर जिले में डेरा डाले हुए थीं। तीनों आतंकियों के ग्वालियर में छिपे होने की जानकारी पंजाब पुलिस को जून माह के दौरान गिरफ्तार किए गए गुरदयाल सिंह, जगरूप सिंह और सतविंदर सिंह से की गई पूछताछ में मिली थी। तब से पंजाब पुलिस तीनों के मोबाइल सर्विलांस पर लगाकर इन पर नजर रख रही थी। इनकी गिरफ्तारी ग्वालियर के डबरा, चिनौर और धौलपुरा क्षेत्र से की गई।

इनकी गिरफ्तारी को लेकर दोनों राज्यों की पुलिस इसलिए भी गंभीर थी क्योंकि ये तीनों पंजाब में आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करते हैं। इन सब के लिए इन्हें पैसा विदेशों से मिलता है।

पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि पकड़े गए तीनों आतंकी इन दिनों ग्वालियर में रह रहे थे। इन तीनों के संबंध कनाडा के ब्रैम्पटन में बसे गुरजीत सिंह चीमा से हैं, जो कभी गुरदासपुर जिले के कादियां थाना अंतर्गत जोगी चीमा गांव का निवासी था।

जांच में पता चला है कि इन तीनों ने फरीदकोट जिले के गांव जीवनवाला निवासी मान सिंह और गुरप्रीत सिंह उर्फ पीत और लुधियाना के कमालपुर गांव के सिमरजीत सिंह उर्फ निक्का को तीन पिस्तौल सप्लाई किए थे। 21 मई को गिरफ्तारी के बाद ये पिस्तौल तीनों से बरामद कर लिए गए थे। गुरजीत सिंह चीमा इस साल के शुरू में कनाडा से भारत आया था। वह मान सिंह व एक अन्य व्यक्ति के साथ ग्वालियर भी गया था, जहां उसे पिस्तौल हासिल करने थे।

21 मई को किए थे हथियार बरामद
उल्लेखनीय है कि 21 मई को एक संयुक्त आपरेशन में पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने कनाडा और पाकिस्तान से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल को तोड़ते हुए भारत-पाक सीमा के पास से एक एके-47 राइफल, पांच हैंड ग्रेनेड, एक मोडिफाइड मशीन-पिस्तौल, पांच पिस्तौल और 450 जीवित कारतूस बरामद किए थे।

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