देश के 13वें राष्ट्रपति बने वेंकैया नायडू, जानिए पहले भाषण में क्या कहा

वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें शपथ दिलाई. शुक्रवार को शपथ लेने के बाद उन्होंने राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्यभार संभाला. इस दौरान सभी नेताओं ने उनका स्वागत किया.

नायडू का पहला भाषण

सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि जब मैं पहली बार 1998 में इस सदन में आया था तो पता नहीं था कि सभापति बनूंगा. मेरे जैसे किसान के बेटे का यहां आना एक बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि जब मैं 1 साल का था तब मेरी मां गुजर गई थी, मुझे उनका चेहरा भी याद नहीं है. अब मैं किसी पार्टी का व्यक्ति नहीं हूं मैं सभी पार्टी का हूं, जैसा आनंद शर्मा ने कहा कि मैं सभी का ध्यान रखूंगा. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अंत्योदय तक विकास पहुंचाना होगा.

सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि मुझे याद है कि जब आप स्टूडेंट लीडर के तौर पर दिल्ली आते थे, तब मेरी आपसे मुलाकात होती थी. हमें वो दिन भी याद हैं जब विपक्ष के नेताओं को जेल में डाल दिया गया था. उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन ने कहा था कि संसद में सिर्फ सरकार की बातें नहीं हो सकती हैं, सभी की बातें होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी को बोलने का मौका देना चाहिए, लेकिन सरकार को भी काम करने का मौका मिलना चाहिए.

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