नस्लवाद पर भड़का यह भारतीय क्रिकेटर, कहा- ‘सिर्फ गोरे ही हैंडसम नहीं होते’

नस्लवाद मानव जाति के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है. माना जाता है कि खेल एक ऐसी अवधारणा है, जहां नस्लवाद प्रवेश नहीं कर सकता. लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा कई बार देखा गया, जब खिलाड़ी इसके शिकार बन गए. स्पोर्ट्स वर्ल्ड में नस्लवाद तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि खिलाड़ियों द्वारा इसकी लगातार निंदा भी जारी है.

नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठानेवालों की कड़ी में टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद का नाम जुड़ गया है. उन्होंने ट्वीट कर नस्लवाद पर कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने पोस्ट लिखा है, ‘गोरे लोग ही सिर्फ हैंडसम नहीं होते.’ साथ ही उन्होंने इस मानसिकता को बदलने पर जोर डाला है.

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