बिजली उत्पादन के लिए खुद कोयला निकालेगा पावरकॉम

चंडीगढ़

कानूनी पचड़े के कारण पिछले दो सालों से कोल इंडिया से महंगे दाम पर कोयला खरीद रही पंजाब स्टेट पावरकॉम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) अब झारखंड से अपनी कोल माइनिंग साइट से कोयला प्राप्त कर सकेगी। पीएसपीसीएल ने पछवाड़ा माइनिंग साइट में खदान के लिए री-टेंडर करने की नीति तैयार कर ली है। वहीं, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हस्ताक्षर के बाद टेंडर लगा दिया जाएगा। यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गई है।

पीएसपीसीएल को झारखंड में पछवाड़ा कोल माइन अलॉट है, लेकिन पिछले दो वर्षों से यहां माइनिंग नहीं हो पा रही है। क्योंकि जिस कंपनी को डेवलपमेंट का टेंडर दिया था, वह डेवल्पर बदले जाने की संभावना को देखते हुए कोर्ट चली गई थी। जिसके कारण अपनी माइनिंग साइट होने के बावजूद पीएसपीसीएल को कोल इंडिया से कोयला खरीदना पड़ रहा है, जो खासा महंगा पड़ रहा था। उसकी क्वालिटी भी उतनी अच्छी नहीं थी। इस कोयले में राख की मात्रा भी तकरीबन 30 फीसद के करीब थी। इस कारण पावरकॉम को करीब 60 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी पड़ रही थी।

वहीं, पावरकॉम ने कानूनी पेचीदियों से बचने के लिए अब री-टेंडर करने का फैसला किया है। पीएसपीसीएल के बोर्ड में यह प्रस्ताव भी पास हो चुका है। ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह के दफ्तर से भी फाइल पास होकर जा चुकी है। बताया जाता है कि एक दो दिनों में मुख्यमंत्री के दफ्तर से क्लीयरेंस मिलने के बाद री-टेंडर के नोटिस लगा दिए जाएंगे।

पावरकॉम को पछवाड़ा में जो कोल माइन मिली है, उस कोयले की क्वालिटी काफी अच्छी है। एक बार कोल उत्पादन शुरू होने से पावरकॉम को जहां बेहतर क्वालिटी का कोयला मिलेगा। वहीं, अपनी माइन होने के कारण वह काफी सस्ता भी पड़ेगा। इससे पावरकॉम की कॉस्ट में भी कमी आएगी।

सूत्रों के अनुसार कोयला उत्पादन के लिए री-टेंडर करने की योजना मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ही थी। चूंकि पंजाब सरकार इंडस्ट्री को 5 रुपये यूनिट बिजली देने की तैयारी में है। 5 रुपये यूनिट बिजली देने पर पंजाब सरकार पर 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आ रहा है। इसी क्रम में पंजाब सरकार बिजली की लागत को सस्ता करने की जुगत में हैं।

री-टेंडर किए जाने की पुष्टि पावरकॉम के चेयरमैन ए वेणु प्रसाद ने भी की है। उनका कहना है कि अपना उत्पादन होने से पावरकॉम को न सिर्फ अच्छी क्वालिटी का कोयला मिलेगा बल्कि वह सस्ता भी पड़ेगा। ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह का कहना है, यह बेहद सकारात्मक कदम है। इससे पावरकॉम के उत्पादन कॉस्ट में कमी आएगी।

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