पंजाब: सरकारी कर्मचारी हैं और छुट्टी पर हैं तो खबर पढ़े बिना आगे न बढ़ें

अगर आप सरकारी कर्मी हैं और छुट्टी पर चल रहे हैं तो ये फरमान जरूर पढ़ लें, नहीं तो नौकरी चली जाएगी। फैसला आपको करना है, ज्यादा वक्त नहीं है।

दरअसल, पंजाब की पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कर्मचारियों को स्वरोजगार से जुड़ने का मौका देते हुए नौकरी से पांच साल की विशेष छुट्टी देने का फैसला किया। नतीजा यह निकाला है कि स्वरोजगार करने गए बहुत से कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौटना चाहते हैं और सरकार को छुट्टी रद्द करने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार के परसोनल विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं।

इस निर्देश के तहत जो कर्मचारी विशेष छुट्टी के पहले तीन साल में ही ड्यूटी ज्वाइन करना चाहते हैं, उन्हें अपने स्तर पर ड्यूटी पर ले लिया जाए। परसोनल विभाग की ओर से सभी विभागाध्यक्षों के लिए बीते सप्ताह जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि 24 मार्च, 2015 को सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वरोजगार के मार्ग खोलने के उद्देश्य से पांच साल की विशेष छुट्टी देने उपबंध जारी किया था।

हालांकि, इस उपबंध के बाद सरकार ने कई संशोधन भी किए, लेकिन जिन कर्मचारियों ने उपबंध के तहत विशेष छुट्टी ले ली थी, उन पर संशोधनों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर भी, पांच साल की विशेष छुट्टी की अवधि में किसी कर्मचारी को भविष्य में कोई बढ़ोतरी नहीं दी जाएगी। सर्कुलर में आगे कहा गया है कि परसोनल विभाग के ध्यान में कई ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कर्मचारी स्व रोजगार छुट्टी में कोई बढ़ोतरी तो नहीं लेना चाहते।

बल्कि तीन साल के समय से पहले ही छुट्टी रद्द करवाकर ड्यूटी पर लौटना चाहते हैं। इस संबंध में वित्त/परसोनल विभाग से पूर्व अनुमति लेने की जो शर्त लगाई गई है, उसके कारण ड्यूटी पर लौटने के इच्छुक कर्मचारियों को काफी दिक्कत आ रही है। इसे देखते हुए परसोनल विभाग ने अब सभी संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों को अपने स्तर पर उक्त कर्मचारियों की छुट्टी रद किए जाने के बारे में फैसला लेने का अधिकार दे दिया है।

आमतौर पर माना जाता है कि नौकरी-पेशा लोग बिजनेस जैसे वित्तीय जोखिम वाले काम करने की बजाय नौकरी करना ही ठीक मानते हैं, लेकिन बिजनेस माइंडेड लोग नौकरी की बजाय हमेशा कारोबार में पैसा लगाकर पैसा कमाने के लिए जोखिम भरे फैसले लेने में सक्षम होते हैं। सूबे की पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने इस मिथक को तोड़ने और सरकारी नौकरियों में नए लोगों के लिए स्थान बनाने के उद्देश्य से उक्त योजना बनाई।

इस योजना के तहत पांच साल की अवधि के दौरान सरकारी कर्मचारियों को अपनी पसंद का कारोबार चुनकर उसमें खुद को स्थापित करने का भरपूर मौका दिया गया, लेकिन परसोनल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश कर्मचारी नौकरी में बने रहने की इच्छा के साथ अपनी विशेष छुट्टी रद्द करवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।

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