सरहद पर बहनों ने बांधा जवानों को रक्षा सूत्र, देश रक्षा का लिया वचन

अमृतसर

भद्रा और चंद्रग्रहण के बीच भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। जैसे ही शुभ मुहूर्त शुरू हुआ बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। पंडितों के मुताबिक सुबह 11.07 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच ही रक्षासूत्र बांधना श्रेष्ठ है। चंद्रग्रहण रात 10.52 बजे से 12.48 तक रहेगा। कई सालों के बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि सावन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। अंतर्राष्ट्रीय अटारी सीमा पर भी रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रोफेसर लक्ष्मीकांता चावला ने बीएसएफ के डीआइजी जेएस ओबरॉय की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। रानी झांसी सोसाइटी व ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय संस्थान ने भी सीमा पर जवानों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। विश्व के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले दैनिक जागरण की ओर से भी अटारी-वाघा सीमा पर रक्षाबंधन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीमा पर तैनात बीएसएफ के छह जवानों को उनकी बहनों ने राखी बांधी।

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