राखी सावंत को बेल मिली लेकिन 7 अगस्त तक करना होगा सरेंडर

बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सावंत को लुधियाना कोर्ट ने 5 अग्सत को रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बेल तो दे दी है लेकिन अभी तक उनकी परेशानी कम नहीं हुई है. दरअसल, लुधियाना कोर्ट ने राखी सांवत को बेल देते हुए उन्हें 7 अगस्त तक सरेंडर करने के लिए कहा है. सेशन जस्टिस गुरुबीर सिंह ने राखी सावंत को बेल देते हुए कहा कि उन्हें 7 अगस्त तक न्यायिक मजिस्ट्रेट विशव गुप्ता के सामने सरेंडर करना होगा.

बता दें कि पहले भी राखी सावंत के खिलाफ गैरजमानती वॉरंट जारी किया जा चुका है क्योंकि वह सुनवाई के दौरान कोर्ट नहीं पहुंची थीं. न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लुधियाना के पुलिस आयुक्त को यह सुनिश्चित करने को कहा था कि वह 7 जुलाई को कोर्ट में आएं, लेकिन वह सुनवाई के लिए नहीं पहुंची थी और उनके खिलाफ गैरजमानती वॉरंट जारी किया गया था.

दरअसल, स्थानिय वकील नरेंद्र अदिया ने पिछले साल 9 जुलाई को राखी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और दावा किया था कि एक टीवी चैनल के एक शो में उनकी टिप्पणी ने वाल्मीकि समुदाय की भावनाओं को आहत किया था. दरअसल, राखी ने एक शो में कहा था, ‘मैंने बचपन में पढ़ा था कि वाल्मीकि जी एक डाकू से संत बन गए, मीका जी भी उसी तरह बदल गए’. राखी की इस टिप्पणी के बाद वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन किया था.

राखी के खिलाफ वॉरंट जारी होने के बाद अपनी सफाई देते हुए उन्होंने कहा था कि वह बेकुसूर हैं. वह सोशल वर्क करने में विश्वास करती हैं. राखी ने यह भी कहा था कि ‘मैं सलमान खान नहीं हूं, मैं राखी सावंत हूं. मेरे ऊपर चार्ज लगाने से किसी को कुछ नहीं मिलेगा. मैं एक आम लड़की हूं जो सोशल वर्क और फिल्मों में काम करती है’. बता दें कि राखी के खिलाफ यह अरेस्ट वॉरंट लुधियाना की कोर्ट ने जारी किया था. इस मामले में राखी के वकील रजनीश लखनपाल ने अदालत को बताया था कि उनकी मुवक्किल ने ऐसा कुछ नहीं कहा और उन्होंने बिना किसी शर्त वाल्मीकि समुदाय से माफी भी मांगी थी.

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