अलगाववादी नेता शब्बीर शाह का करीबी असलम वानी गिरफ्तार, टेरर फंडिंग केस में ED की कार्रवाई

टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी नेताओं के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी सिलसिले में रविवार को अलगाववादी नेता शब्बीर शाह के सहयोगी असलम वानी को आतंकी फंडिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद असलम वानी को पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जाएगा। बता दें कि 3 अगस्त को दिल्ली की अदालत ने शब्बीर शाह की हिरासत छह दिन के लिए बढ़ा दी थी।

ईडी ने आतंकवादियों के संपर्क में था शब्बीर शाह –

ईडी ने अदालत को बताया कि शाह पाकिस्तान के आतंकवादियों के संपर्क में था और हवाला के माध्यम से उसे शांति भंग करने कि लिए पैसे मिले थे। हम कई मेल हासिल करने की प्रक्रिया में हैं और हमें उन्हें जांचना होगा। हमें शाह का उसके सहयोगियों से सामना करना है क्योंकि वह अपने होटल के खाते में करोड़ों रुपए का दान हासिल कर रहा है।

साल 2010 में ठहराया जा चुका है दोषी –

साल 2010 में एक स्थानीय अदालत ने वाणी को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया, लेकिन आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वे साबित नहीं हो सके हैं। बचाव पक्ष ने शाह पर लगे आरोपों को खारिज करने को कहा, लेकिन अदालत ने कहा कि ईडी अभी भी शाह के खिलाफ आरोपों की जांच कर सकता है।

ये है पूरा मामला –

दरअसल, अगस्त 2005 में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने असलम वानी को गिरफ्तार किया था। असलम पर हवाला कारोबार से जुड़े होने का आरोप था। आरोप था कि असलम ने शब्बीर शाह को अलग-अलग वक्त पर कुल 2.25 करोड़ रुपए दिए। जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिग एक्ट के तहत शब्बीर शाह और असलम वानी के खिलाफ केस दर्ज किया। वानी 63 लाख की नकदी के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया गया था। पुलिस का दावा था कि वानी के पास ये पैसा हवाला के जरिये मध्य एशिया से आया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में असलम वानी ने 63 में से 50 लाख रुपए शब्बीर शाह को देने की बात कबूली की थी। साथ ही पुलिस ने ये भी दावा किया था कि असलम को इनमें से 10 लाख रुपए श्रीनगर में जैश-ए मोहम्मद के एरिया कमांडर अबु बकर को दिए जाने थे। ईडी तमात खातों की जानकारी निकालने के लिए शाह से पूछताछ कर रही है।

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