मिस्ट्री बनी इंटरनेशनल हॉकी खिलाड़ी की मौत, ट्रेन ड्राइवर ने बताई असली कहानी

हरियाणा के रेवाड़ी की अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी ज्योति गुप्ता की मौत का राज अब उसके मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चलेगा। जीआरपी अब इसी दिशा में जांच कर रही है। अंबाला से कॉल डिटेल रिपोर्ट आने के बाद जीआरपी को ज्योति की मौत की सच्चाई का पता लगने की पूरी उम्मीद है।

बुधवार रात सोनीपत निवासी एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ज्योति की रेवाड़ी-रोहतक रेलवे लाइन पर चंडीगढ़-जयपुर ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। ट्रेन के चालक बिक्रम गुप्ता के बयान के आधार पर जीआरपी ने इसमें आत्महत्या का मामला दर्ज किया था।
विक्रम ने बयान में बताया था कि एक लड़की ओवरब्रिज के नीचे दूर से खड़ी दिखाई दी थी। इसके लिए ट्रेन का हॉर्न भी बजाया गया। एक बार तो वह पीछे हटी लेकिन बाद में उसने अपनी गर्दन ट्रेन के नीचे दे दी। हालांकि मृतका के परिजन आत्महत्या की बात मानने को तैयार ही नहीं हैं। उनके अनुसार ज्योति जैसी होनहार लड़की आत्महत्या कर ही नहीं सकती।

अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी ज्योति का शव रेल लाइन पर पड़ा मिला। ट्रेन ड्राइवर की माने तो उसने सुसाइड किया है। पढ़िए, ड्राइवर ने बता दिया है कि उस समय क्या हुआ था?

आखिर ज्योति ने झूठ क्यों बोला
जीआरपी थाना प्रभारी रणबीर सिंह ने बताया कि ज्योति की मां ने अपने बयान में बताया है कि जब उसने बुधवार शाम साढ़े पांच बजे ज्योति को फोन किया तो उसने बताया कि वह रोहतक है और बस में बैठकर सोनीपत आ रही है। ऐसे में इस बात का पता लगाया जाएगा कि आखिर ज्योति ने अपनी मां से झूठ क्यों बोला।
अभी पुलिस इस बात को देख रही है कि जब ज्योति सोनीपत से निकली तो घर से अपनी बीए की मार्कशीट में करेक्शन कराने की बात कहकर निकली थी। उसके बैग में कोई मार्कशीट ही नहीं मिली। ऐसे में यह भी सच्चाई जानने का प्रयास किया जाएगा कि वह मार्कशीट लेकर भी आई थी या नहीं।

हम मृतका के फोन की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं। जिन लोगों को ज्योति ने उस दिन फोन किए और क्या बात की वह सभी को बुलाकर पता कराया जाएगा। कॉल डिटेल आने के बाद ही पूरी सच्चाई का पता लग सकेगा। – रणबीर सिंह, एसएचओ, जीआरपी

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