हिमाचल में महादेव के इस मंदिर में दिया जाता है प्रेमियों को आश्रय, जानिए

वर्तमान समय में भी प्रेम विवाह का समाज ने स्वीकार नहीं किया हैं। समय-समय पर अखबार और अन्य तरीकों से पता चलता है। कई बार परिवार के लोग प्रेमियों को परिवार की इज्जत के नाम पर मार देते हैं तो कभी उनको अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस और कानून की शरण में जाना पड़ता हैं।

लेकिन अब प्रेमियों को घबराने के जरूरत नहीं हैं। क्योंकि हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के शांघड़ गांव में एक मंदिर ऐसा है जहां भाग कर आए प्रेमी जोड़ों को सहारा दिया जाता हैं। इस मंदिर को स्थानीय लोग शंगचूल महादेव के नाम से जानते हैं। मान्यता है कि यह मंदिर महाभारत के समय का हैं।

इस मंदिर में किसी भी जाति का प्रेमी जोड़ा आए उसको यहां सुरक्षा और क्षरण मिलती हैं। इस मंदिर की सीमा में कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता हैं। इस मंदिर की सीमा करीब 100 बीघा में फैली हुई हैं। जैसी ही प्रेमी इस क्षेत्र में प्रवेश करता हैं। तो उसको देवता की शरण में मान लिया जाता हैं।

द्वापर युग का साक्षी यह मंदिर जल गया था लेकिन इसका पुन: निर्माण करवाया गया। इस मंदिर में पुलिस का आना सख्त मना हैं। इस क्षेत्र में शराब, सिगरेट,चमड़े का सामान, हथियार लेकर आना वर्जित हैं।

पौराणिक मान्यता और कहानियों के अनुसार जब अज्ञातवास के समय पांडव कुछ समय के लिए यहां पर ठहरे थे। उनका पीछा करते हुए कौरव वहां पर आ गए थे। तब शंगचूल महोदव ने कौरवों को अंदर घुसने से रोका था। कौरवों भगवान महादेव से डर कर वापस चले गए थे। उस दिन से आज तक कोई प्रेमी या समाज से ठुकराया हुआ व्यक्ति इस क्षेत्र में आ जाता है तो यह माना जाता है कि उसकी देखरेख भगवान शिव कर रहे हैं।

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