पंजाब में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पर स्टांप ड्यूटी 9 फीसदी से घटकर हुई 6 फीसदी

चंडीगढ़

पंजाब मंत्रिमंडल ने रीयल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पर स्टांप ड्यूटी 9 से घटाकर 6 फीसदी कर दी है। इसकी घोषणा सरकार ने बजट के दौरान की थी। शुक्रवार को इस पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। यह दरें 31 मार्च 2018 तक लागू रहेंगी। इसके साथ ही सरकार ने सर्किल और कलेक्टर रेट में कमी लाने का भी सैद्धांतिक फैसला किया है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सीवरेज व पानी के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम व अनधिकृत मैरिज पैलेसों को नियमित करने की नीति को हरी झंडी देने समेत करीब डेढ़ दर्जन फैसले लिए गए। सीएम ने सर्किल व कलेक्टर रेट घटाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी कमिश्नर को नई सर्किल दरें तैयार करने को कहा गया है। स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा कि वह पहले ही इस प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं।

भारतीय स्टांप एक्ट की धारा 3-सी और शेड्यूल 1-बी में संशोधन कर सामाजिक सुरक्षा फंड के तौर पर ली जाने वाली 3 फीसद अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी को सरकार ने खत्म कर दिया है। कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2020 तक सीएलयू, ईडीसी व लाइसेंस फीस में की गई दस फीसद बढ़ोतरी से छूट का फैसला भी किया।

कैबिनेट ने नए मैरिज पैलेसों को मंजूरी देने और पुराने अवैध पैलेसों को रेगुलर करने के लिए नई मैरिज पॉलिसी को स्वीकृति दी है। यह नई नीति 16 नवंबर 2012, 7 जनवरी 2013, 17 नवंबर 2015 व 16 अगस्त 2016 को तैयार की गई नीतियों को खत्म करके उनकी जगह लेगी। इससे पैलेस मालिकों की समस्याएं खत्म होंगी। पार्किंग व सुरक्षा का इंतजाम हो सकेगा। कैबिनेट ने इमारत नियमों में भी 10 फीसद तक छूट देने का फैसला किया है।

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