J&K: कश्मीरी परिवार ने अबु दुजाना को बताया था अपना बेटा, DNA के टेस्ट की बात पर फरार

सु़रक्षाबलों के हाथों मंगलवार को मारे गए दुर्दात आतंकी अबु दुजाना को अपना बेटा बताकर उसके शव पर दावा जताने वाला एक परिवार शुक्रवार को सामने आया। हालांकि डीएनए जांच की बात सुनते ही वह गायब हो गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग के कोकरनाग का रहने वाला एक परिवार शुक्रवार को पुलवामा पुलिस जिला मुख्यालय पहुंचा। इस परिवार के सदस्यों ने अबु दुजाना का असली नाम मुजफ्फर अहमद मागरे और उसके पिता का नाम गुलाम मागरे बताया।

उन्होंने बताया कि दुजाना पाकिस्तान का नहीं बल्कि कोकरनाग में चक्की दनीबाट का रहने वाला है। वह 1999 में गायब हो गया था। वे लोग काफी उत्तेजित और गुस्से में थे। संबंधित पुलिस अधिकारी उनकी बात सुनकर सकते में आ गए। वे दुजाना का शव मांग रहे थे। उनका कहना था कि बताया जाए कि उसे कहां दफन किया गया है ताकि वे उसके शव को वहां से निकालकर अपने गांव के कब्रिस्तान में दफना सकें।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हमने पूछा कि कोई सुबूत है तो वह जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद हमने कहा कि अब एक ही तरीका है, डीएनए की जांच कराओ। हमारे पास दुजाना के डीएनए का नमूना है। अगर आपका डीएनए मेल खा गया तो शव आपको दे दिया जाएगा। डीएनए टेस्ट की बात सुनकर वे लोग शांत हो गए।

दुजाना के परिजन होने का दावा कर रहे लोगों ने कहा कि उन्हें सोचने का वक्त चाहिए। बस फिर क्या था, वे चुपचाप वहां से खिसक गए और नजर नहीं आए। पुलिस महानिरीक्षक कश्मीर मुनीर अहमद खान ने कहा कि दुजाना की पहचान उस परिवार ने भी की है, जिनके घर में वह मारा गया। दुजाना ने उन्हें बताया था कि वह कराची का रहने वाला है, जबकि हमारे पास जो रिकॉर्ड हैं, उसके मुताबिक वह गिलगित-बाल्टिस्तान का रहने वाला था।

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