निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित

निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं, इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में पिछले सात दिनों से चली बहस बुधवार को पूरी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संवैधानिक बेंच ने निजता के अधिकार पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब नौ जजों की पीठ पहले यह तय करेगी कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं। इसके बाद 5 जजों की संवैधानिक बेंच आधार की वैधानिकता पर सुनवाई करेगी। बता दें, आधार कार्ड बनवाने के लिए डाटा इकट्ठा करने के मसले पर निजता की बहस शुरू हुई थी। इससे पहले मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि वह आधार कार्ड को खत्म नहीं करने जा रही है।

केंद्र सरकार ने कहा है कि डाटा प्रोटेक्शन पर कानून ड्राफ्ट करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि डाटा प्रोटोक्शन पर विचार करने वाली 10 सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएन श्रीकृष्णा हैं।

सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार का पूरा डाटा सुरक्षित है क्योंकि इसका सर्वर भारत में है। लोकसभा में साइबर सुरक्षा को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा ‘आधार कार्ड का डाटा पूरी तरह सुरक्षित है।’ रविशंकर प्रसाद से डाटा की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा गया था क्योंकि अभी तक सर्वर देश के बाहर थे। प्रसाद ने आगे कहा ‘यहां तक कि अगर डेटा प्रोसेसिंग सेंटर भारत से बाहर है, तो प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों को यह समझने की जरूरत है कि यहां उचित कानून है।’

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