लड़कियों को शिकार बनाता था अबु दुजाना, इश्कबाजी के लिए था मशहूर

कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर अबु दुजाना व उसका स्थानीय सहयोगी आरिफ नबी डार मारा गया. वह पाकिस्तानी नागरिक था. जम्मू-कश्‍मीर पुलिस ने पाकिस्तान से कहा है कि वह दुजाना का शव ले जाए. सूबे की पुलिस ने नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तान के उच्चायोग से आतंकी अबु दुजाना के शव को पाकिस्तान भिजवाने के लिए संपर्क किया है ताकि उसका अंतिम संस्कार उसके जन्मस्थान पर किया जा सके.

सुरक्षा बलों पर कई हमलों के मामलों में वह वांछित था. ‘ए ‘ श्रेणी के आतंकी दुजाना पर 10 लाख रुपये का इनाम भी था. पुलिस के मुताबिक वह पिछले एक साल से आतंकी गतिविधियों में शामिल नहीं था, बल्कि अय्याशी कर रहा था. हालांकि मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों को स्थानीय लोगों के हिंसक प्रदर्शनों का भी सामना करना पड़ा. मुड़भेड़ स्थल के पास सौ से अधिक प्रदर्शनकारियों ने पत्थर बरसाये. बचाव में सुरक्षा बलों को हवाई फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें कुछ लोग घायल हो गये.

कुछ क्षेत्रों में लड़कों के साथ लड़कियों ने भी पत्थर लेकर आतंकी के समर्थन में नारेबाजी की. कॉलेज में कक्षाओं का बहिष्कार किया. घटना के बाद घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी. कई कस्बों में कर्फ्यू लगाया गया है. समस्त स्कूल -कॉलेजों को बंद कर दिये गये हैं.

अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमले में था हाथ
2013 के दौरान कश्मीर में सक्रिय हुआ दुजाना गिलगित-बाल्टीस्तान का रहने वाला है. वह 2015 में बीएसएफ के काफिले पर हुए हमले की साजिश में शामिल था. उसे अबु कासिम के मारे जाने के बाद लश्कर ने दक्षिण कश्मीर का डिविजनल कमांडर बनाया था. हाल ही में अमरनाथ यात्रियों के बस पर हमले के पीछे भी उसी का दिमाग था.

लड़कियों को बनाता था शिकार
वह बहुत बड़ा अय्याश भी था. उसके हवस की शिकार कई लड़की हुई थीं. वह किसी भी कश्मीरी के घर में घुस जाता. उनकी मां-बहन के साथ घिनौनी हरकत करता. उसकी मौत से घाटी में सुकून की लहर है.

सात बार चकमा देने वाला ऐसे पकड़ा गया
मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल दुजाना सात बार सुरक्षाबलों को चकमा देकर भाग चुका था, लेकिन मंगलवार की सुबह सुरक्षाबलों ने उसे इस तरह घेरा कि उसके लिए भागना नामुमकिन हो गया. दरअसल, पिछली बार एनकाउंटर के दौरान उसका आइफोन मौके पर छूट गया था. इस आइफोन के सहारे सुरक्षा बलों को उसकी मूवमेंट की सूचना मिली. सोमवार की देर रात जब वह अपनी पत्नी से मिलने गांव हकड़ीपोरा पहुंचा, तो सुरक्षाबलों ने उसे घेर लिया.

Share With:
Rate This Article