फसल खरीद में पंजाब को हरियाणा से सबक लेने की जरूरत: HC

पंजाब

सूरजमुखी की खरीद के लिए पंजाब सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए इसे हरियाणा से सबक लेने की हिदायत दी। केस की सुनवाई के दौरान हरियाणा खरीद प्रक्रिया हैफेड ने बैंच को बताया कि सरकार 10 करोड़ रुपए की लागत से फसल खरीदती है। इसे वेयरहाऊस में रख के रसीद लेती है और इस रसीद की गारंटी पर बैंक इतना ही कर्ज दे देता है। ऐसे में आगे खरीद कर क्रम आगे बढ़ाया जाता है। बैंच द्वारा इस नीति को लेकर पंजाब से जवाब मांगा गया।

पंजाब सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर बैंच ने कहा कि क्या पंजाब सरकार के पास फसल की खरीद के लिए 10 करोड़ रुपए भी नहीं हैं। यदि राज्य को यह रकम भी पड़ोसी राज्य हरियाणा या केंद्र से लेनी पड़ती है तो यह काफी शॄमदगी की बात है। सूरजमुखी की फसल खरीद के लिए उचित प्रबंध न होने के चलते कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पंजाब का कृषि विभाग जितना बड़ा है उतना ही निकम्मा प्रतीत हो रहा है।

मामले में पंजाब सरकार ने सूरजमुखी की खरीद के लिए अपना निर्णय बताने के लिए कोर्ट से समय मांगा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब को हरियाणा सरकार की नकल कर फसल की खरीद करनी चाहिए। भारतीय किसान यूनियन के गुरनाम सिंह की तरफ से दायर इस याचिका में एडवोकेट जे.एस. तूर व सतनाम प्रीत सिंह चौहान ने दलीलें रखी। इससे पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सैंटर गवर्नमैंट समेत पंजाब व हरियाणा सरकार के एग्रीकल्चर सैक्रेटरीज समेत खरीद एजैंसियों के अफसरों को पेश होने को कहा था। जिस पर सोमवार सुनवाई के दौरान सैंटर गवर्नमैंट की तरफ से ज्वाइंट सैक्रेटरी, नैफेड के जी.एम., पंजाब की तरफ से सैक्रेटरी व हरियाणा की तरफ से हैफेड अधिकारी कोर्ट में पेश हुए। जिस पर कोर्ट ने केस की सुनवाई 17 अगस्त तय की है।

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