कोटखाई गैंगरेप केस: CBI ने नामी बागवान से घर जाकर की पूछताछ

गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड मामले की जांच के लिए सीबीआई की विशेष जांच टीम हलाइला गांव पहुंची। एसआईटी ने क्षेत्र के नामी बागवान अनंतराम नेगी से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ नेगी के घर पर ही तीसरी मंजिल में एक बंद कमरे में हुई।
मामले में मुख्य आरोपी राजू और अन्य आरोपी अनंतराम नेगी के बगीचे में काम करते थे। इसके बाद सीबीआई टीम सह आरोपी आशीष चौहान के घर भी गई। टीम ने उसके माता-पिता से करीब एक घंटे पूछताछ की। पूछताछ एसआईटी का नेतृत्व कर रहे एसपी एसएस गुरुम ने की। उनके साथ डीएसपी सीमा पाहूजा ने भी कई सवाल किए। तफ्तीश की यह सारी प्रक्रिया डीआईजी जगबीर सिंह की मौजूदगी में की गई।

सीबीआई पूछताछ के दौरान अनंतराम नेगी ने पुलिस कार्रवाई पर संदेह जताया कि कुछ लोगों ने रंजिशन उनके यहां काम कर रहे मजदूरों को हत्यारा बना दिया है। सच कुछ और हो सकता है। पुलिस हिरासत में जिन परिस्थितियों में आरोपी सूरज मारा गया है, उससे भी संदेह पुलिस पर ज्यादा जाता है।

नेगी ने सीबीआई को बताया कि यदि राजू और अन्य आरोपी असल में अपराधी हैं तो वे क्या इतने नौसिखिए हैं कि अपने घर के पास ही लाश फेंकते। स्कूल में टूर्नामेंट चला हुआ था। बाहर से भी बहुत लोग आए थे। हो सकता है कि अपराधी कोई बाहर का ही आदमी हो।

नेगी ने कहा कि राजनीतिक दबाव में पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी बनाई। जब नेगी से सीबीआई ने यह पूछा कि किसी पर संदेह तो नहीं है, कोई क्लू दें। इस पर जवाब दिया कि हलाइला के अन्य लोगों की तरह मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। उधर, आशीष चौहान के माता-पिता ने भी सीबीआई को दिए बयान में अपने बेटे को बेकसूर करार दिया।

सीबीआई की दूसरी टीम जंगल के रास्ते से दांदी में उस स्थान पर गई, जहां भूत मंदिर है। यहां वन निगम की लकड़ी का काफी लंबे समय से चिरान-पिचान कर रहे चरानियों से भी पूछताछ की। सीबीआई ने यहां लकड़ी की ढुलाई में जुटे मजदूरों से भी पूछताछ की।

जंगल के रास्ते से जहां से गुड़िया अपने घर जाती थी, सीबीआई की टीम उसी पगडंडी पर बानकुफर से ऊपर दांदी की ओर पैदल चलती रही। यह टीम रास्ते में भी किसी सुराग को खोजती रही। रविवार को भी सीबीआई के अधिकारी वन विश्राम गृह में रुके रहे।

Share With:
Rate This Article