विधायक निधि खर्च करने के नियम बताए प्रदेश सरकार: हाईकोर्ट

हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को विधायक निधि के नियमों की जानकारी कोर्ट में रखने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि विधायकों की ओर से ऐच्छिक निधि बांटने के बारे में किसी तरह के नियम बनाए गए हैं या नहीं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मंडी जिले के नाचन विस क्षेत्र से विधायक विनोद कुमार की ऐच्छिक निधि के आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में ये आदेश पारित किए। अब मामले पर सुनवाई 1 सितंबर को होगी।

हाईकोर्ट को लिखे पत्र में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नाचन के विधायक ऐच्छिक निधि का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस फंड को समाज कल्याण में लगाने की बजाय वह इसका इस्तेमाल अपने रिश्तेदारों, परिवार के सदस्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर खर्च कर रहे हैं।

शौर्य चक्र सेना मेडल प्राप्त सेवानिवृत्त कैप्टन हलका राम ने हाईकोर्ट के नाम लिखे पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि विधायक को मिलने वाले फंड का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा रहा है। हाईकोर्ट के समक्ष शपथपत्र के रूप में दिए जवाब में प्रदेश सरकार ने कहा है कि उनका विधायक निधि पर कोई अंकुश नहीं है।

उनका इस निधि को बांटने के लिए लाभार्थी ढूंढने के बारे में किसी तरह का रोल नहीं है। जो भी धनराशि बांटी गई है, उसे डीओ नोट प्राप्त होने के बाद जारी किया गया है। राज्य सरकार को इस बाबत जानकारी नहीं है कि इस फंड का इस्तेमाल विधायक ने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, परिवार के सदस्यों, गनमैन और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए इस्तेमाल किया है।

Share With:
Rate This Article