DDA हाउजिंग स्कीम के तहत 30 दिन में सिर्फ 5,000 लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन

डीडीए हाउसिंग स्कीम को लगभग एक महीना पूरा होने जा रहा है, लेकिन अब तक 12,072 फ्लैट्स के लिए 5,000 रजिस्ट्रेशन हुए हैं और 55,000 फॉर्म बिके हैं। डीडीए के अनुसार कम रजिस्ट्रेशन की वजह बैंक के रजिस्ट्रेशन मनी के लिए आगे नहीं आना है। डीडीए के अधिकारियों ने शुक्रवार को इस स्कीम पर अपनी पूरी सफाई मीडिया को दी।

अधिकारियों ने बताया कि फ्लैट निकलने पर रजिस्ट्रेशन फीस से 25 पर्सेंट राशि जब्त करने की शर्त इसी वजह से लगाई गई, ताकि इस स्कीम में जरूरतमंद लोग ही अप्लाई करें। डीडीए की पिछली स्कीमों की तरह यह स्कीम भी इन्वेस्टर को ही लाभ न पहुंचाए। इस दौरान प्रिंसिपल कमिश्नर जेपी अग्रवाल, इंजिनियर मेंबर महेश कुमार, डायरेक्टर हाउसिंग आर.के. मल्होत्रा और फाइनैंस अडवाइजर हाउसिंग कमल जोशी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 5,000 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इनमें भी अधिकतर एमआईजी और एचआईजी के लिए हुए हैं। एलआईजी के लिए काफी कम रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

उन्होंने बताया कि हम अंतिम दिन इस स्कीम की समीक्षा करेंगे और तभी निर्णय होगा कि हमें रजिस्ट्रेशन की डेट बढ़ानी है या नहीं। या फिर किसी एक कैटिगरी में डेट बढ़ानी है। यदि हमारे पास हर कैटिगरी में फ्लैट्स के कुछ अधिक रजिस्ट्रेशन भी पहुंचते हैं तो डीडीए यह ड्रॉ पूरा करेगी।

फ्लैट्स लोकेशन पर ट्रांसपोर्ट, मार्केट, सेफ्टी, पानी आदि की कमी पर डीडीए अधिकारियों ने कहा कि यह डिमांड और सप्लाई से होता है। जब फ्लैट्स में लोग रहने लगेंगे तो सुविधाएं भी अपने आप बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि जल बोर्ड से करार हो गया है और अगले तीन महीने में सभी साइटों पर जलबोर्ड की सप्लाई शुरू हो जाएगी। डीटीसी व डीएमआरसी के सीएमडी को भी लेटर लिखे जा चुके हैं कि इन साइटों पर ट्रांसपोर्ट उपलब्ध करवाएं। सभी फ्लैट्स को पूरी तरह रिपेयर कर लिया जाएगा। डीडीए अधिकारियों ने कहा कि अब जो फ्लैट्स बन गए हैं उन्हें तो हमें बेचना है। लेकिन छोटे फ्लैट्स साइज की वजह से सस्ते भी मिल रहे हैं।

बैंक सोमवार से कर सकेंगे पहल
डीडीए अधिकारियों के अनुसार बैंकों से बातचीत हुई है। सेंट्रल बैंक रजिस्ट्रेशन अमाउंट का फाइनैंस करने को तैयार है लेकिन वह उन्हीं कस्टमर को फाइनैंस करेगा, जिनके बैंक में अकाउंट हैं। आईसीआईसीआई बैंक ने हमसे जगह की मांग की है, ताकि यहीं पर काउंटर लगाकर लोगों को फाइनैंस की सुविधा दी जा सके। उम्मीद है कि सोमवार से कुछ बैंक आगे आएंगे।

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