टेरर फंडिंग रोकने के लिए सीमापार व्यापार बंद हो- NIA

जम्मू- कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान लगातार सीमा पार व्यापार के जरिए टेरर फंडिंग कर रहा है, जिसको रोकने के लिए कवायद शुरू हो गई है. राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी NIA  ने गृह मंत्रालय को उरी और पुंछ के रास्ते होने वाले सीमापार व्यापार को बंद करने की सिफारिश की है.  आपको बाते दे कि साल 2008 में दोनों देशों के बीच इन जगहों से सीमापार व्यापार शुरु हुआ था.

NIA ने अपनी सिफारिश में कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से व्यापार के लिए बनाई गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन नहीं किया गया. NIA ने गृह मंत्रालय को लिखा कि पिछले दिनों हुए व्यापार के जरिए ही ज्यादातर टेरर फंडिंग हुई. लिहाजा इसको आगे चलाना ठीक नहीं है. ये भारत के हित में नहीं है. गौरतलब है कि NIA  आतंकी फंडिंग मामले की जांच कर रही है औऱ अब तक कई हुर्रियत नेताओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है

NIA की मानें तो ISI ने पत्थरबाजों की फंडिंग के लिए PoK में बाकायदा फंड मैनेजर तैनात किए हुए हैं. ये एजेंट सरहद पर सामान के आदान-प्रदान की फर्जी बिलिंग का सहारा लेते हैं. आयात और निर्यात के सामान की कीमत कम करके दिखाई जाती है और बाकी पैसे का बड़ा हिस्सा अलगाववादियों तक पहुंचाया जाता है. NIA की जांच में पता चला कि 2008 से 2016 के बीच उरी के रास्ते पाकिस्तान की ओर से कुल 2 हजार करोड़ रुपये का सामान निर्यात किया गया.

वहीं भारत ने इस दौरान 1900 करोड़ का सामान उस पार भेजा. सूत्रों की मानें तो बाकी बचे 100 करोड़ घाटी में पत्थरबाजों और हथियाबंद  आतंकियों की फंडिंग के लिए इस्तेमाल किये गए.

 

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