महिला विश्व कप 2017: इंग्लैंड ने भारत को नौ रन से हराया, भारत को बेटियों पर गर्व

भारतीय महिला क्रिकेट टीम का विश्व कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया. इंग्लैड ने रविवार को खेल गए फाइनल मुकाबले में भारत को नौ रन से हराकर खिताब अपने नाम किया. 229 रन का लक्ष्य को पीछा करने उतरी भारतीय टीम 219 रन ही बना सकी.

मैच में एक ऐसा भी वक्त आया जब भारत पूरी तरह से इंग्लैंड पर हावी था लेकिन आखिरी के 7 ओवरों में मैच का रुख पलट गया और इंग्लैंड टीम ने एक बार फिर वर्ल्ड कप पर कब्जा करने में कामयाब रही. मध्यम गति की गेंदबाज अन्या श्रबसोले के आखिरी स्पैल ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. भारत के आखिरी सात विकेट केवल 28 रन के अंदर गिरे जिससे इंग्लैंड ने मैच में नौ रन से विजयी रहा.

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरे इंग्लैंड ने लार्ड्स की धीमी पिच पर सजग शुरुआत की लेकिन बीच में उसने 16 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिये. सराह टेलर (45) और नताली सीवर (51) ने चौथे विकेट के लिये 83 रन जोडकर टीम को इन झटकों से उबारा लेकिन ऐसे मौके पर झूलन की शानदार गेंदबाजी से उसने फिर से 18 रन के अंदर तीन विकेट गंवाये. आखिर में कैथरीन ब्रंट (34) और जेनी गुन (नाबाद 25) के प्रयासों से इंग्लैंड सात विकेट पर 228 रन तक पहुंचने में सफल रहा. भारत ने पूनम राउत (115 गेंदों पर 86 रन) और सेमीफाइनल की नायिका हरमनप्रीत कौर (80 गेंदों पर 51 रन) ने तीसरे विकेट के लिये 95 रन की साझेदारी की. इसके बाद वेदा कृष्णमूर्ति (35) की उपयोगी पारी से भारत एक समय तेजी से जीत की तरफ बढ रहा था लेकिन श्रबसोले ने यहीं गेंद संभाली और मैच का पासा पलट दिया.

एक समय भारत का स्कोर 43 ओवर में तीन विकेट पर 191 रन था और उसे जीत के लिये 38 रन की दरकार थी लेकिन आखिर में उसकी पूरी टीम 48.4 ओवर में 219 रन पर ढेर हो गई. श्रबसोले ने 46 रन देकर छह विकेट लिये जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. यह दूसरा अवसर है जबकि भारतीय महिला टीम विश्व कप के फाइनल में हारी. इससे पहले 2005 में आस्ट्रेलिया ने उसे विश्व चैंपियन बनने से रोका था.

इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया. झूलन गोस्वामी ने दस ओवर में 23 रन के देकर तीन विकेट लेकर इंग्लैंड का मध्यक्रम झकझोरा. लेग स्पिनर पूनम यादव ने शीर्ष क्रम को झकझोरने में अहम भूमिका निभायी. उन्होंने 36 रन देकर दो विकेट लिये. राजेश्वरी गायकवाड ने एक विकेट हासिल किया. लेकिन भारतीय बल्लेबाज अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी. ओपनर स्मृति मंदाना (शून्य) लगातार सातवें मैच में नाकाम रही.

भारत को करारा झटका कप्तान मिताली राज (17) के अपनी गलती से रन आउट होने से भी लगा जो राउत के साथ मिलकर टीम को शुरुआती झटके से उबारने में लगी थी.

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