पटियाला की छात्रा ने पीएम मोदी से की शिकायत, राजघाट के 100 कर्मचारी हटे

पटियाला

नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की समाधि राजघाट पर काम कर रहे कर्मचारियों की करतूत पर शायद बापू भी शर्मिंदा होंगे. राष्ट्रपिता की समाधि पर उन्हें नमन करने के लिए आने वाले विदेशी सैलानियों से वहां के कर्मचारी ही अवैध वसूली कर रहे थे.

वसूली भी जूतों के रखरखाव के नाम पर हो रही थी. पंजाब के पटियाला की रहने वाली सातवीं कक्षा की छात्रा हश्मिता ने इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा. इसके बाद राजघाट पर तैनात सौ से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया गया है. इसके साथ हही प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की जांच भी शुरू करा दी है. शनिवार को भी एक वरिष्ठ अधिकारी ने राजघाट पर जाकर पूछताछ की.

पंजाब के सनौर कस्बे की रहने वाली 13 वर्षीय हश्मिता पटियाला के सेंट मैरी स्कूल में पढ़ती हैं. पिछले दिनों दिल्ली घूमने आई हश्मिता राजघाट पर गईं तो वहां परिसर में उसने जूते-चप्पल रखने के दो काउंटर देखे. एक सशुल्क और एक नि:शुल्क था. सशुल्क पर सिर्फ एक रुपये का शुल्क था, लेकिन काउंटर पर तैनात कर्मचारी विदेशी पर्यटकों से जूते रखने के लिए 100-100 रुपये वसूल रहे थे. इससे वह बहुत दुखी हुई.

ह‍श्मिता ने बताया कि पटियाला लौटने के दौरान रास्ते में वह सोचती रही कि विदेशी पर्यटकों के मन में हमारे देश की छवि खराब हो रही है. यहां उन्हें बाहरी समझकर ठग लिया जाता है. हश्मिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की ठानी. पत्र किस पते पर भेजे यह उसे पता नहीं था तो उसने लिफाफे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नई दिल्ली लिख दिया और पत्र को पोस्ट कर दिया. इतना ही काफी था, पत्र पीएमओ में पहुंच गया.

पत्र मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत राजघाट समाधि समिति को कार्रवाई करने का आदेश दिया. इसके बाद राजघाट में अलग-अलग कार्यों में तैनात सौ से अधिक कर्मचारियों को पिछले दिनों हटा दिया गया. पीएमओ को भेजी गई कार्रवाई रिपोर्ट में यह बताया गया है कर्मचारियों को हटाने के अलावा वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं.

राजघाट स्थित गांधी स्मृति दर्शन समिति के प्रशासनिक अधिकारी एसए जमाल ने19 जुलाई को एक आदेश जारी कर सभी अधिकारी व कर्मचारियों को जिम्मेदारी से काम करने की हिदायत भी दी है.

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