कश्मीर पर फारुक अब्दुल्ला का विवादित बयान, BJP बोली- सलाह की जरूरत नहीं

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की समस्या पर बड़ा बयान दिया है. शुक्रवार को उन्होंने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर भारत को अमेरिका और चीन की मदद स्वीकार कर लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हम लोग चीन और पाकिस्तान से युद्ध नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हमारी तरह उनके पास भी एटम बम हैं. इसलिए इस मुद्दे को बातचीत से ही सुलझाना चाहिए.

अब्दुल्ला ने कहा कि दोस्तों का इस्तेमाल बातचीत करने के लिए, मुद्दे को हल करने के लिए कीजिए. अब्दुल्ला ने कहा कि कभी-कभी बैल को सींग से पकड़ना होता है, कभी ऐसा करना पड़ता है.

वहीं अब्दुल्ला के इस बयान पर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह का कहना है कि फारुख अब्दुल्ला के बयान की निंदा करता हूं. जब अब्दुल्ला मुख्यमंत्री तो कहते थे कि पाकिस्तान पर हमला करना चाहिए, आज ऐसे बयान दे रहे हैं. यह निचले स्तर की बात करते हैं.

निर्मल सिंह ने कहा कि क्या फारुख अब्दुल्ला भूल गए हैं, क्या 1994 का शिमला एग्रीमेंट है, इसके अलावा लाहौर का फैसला है. उसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के साथ कैसे भारत को डील करना चाहिए. निर्मल सिंह का कहना कि खुद फाल्गुन दूल्हा इन सब बातों को करते थे जब वह जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री थे लेकिन आज वह बौखलाए हुए हैं.

निर्मल सिंह का कहना है कि क्या फारुख अब्दुल्ला यह चाहते हैं कि भारत पाकिस्तान के सामने घुटने टेके, क्या वह चाहते हैं कि इस प्रकार की बात हो जो पाकिस्तान के सपनों को पूरा करने में मदद करें. वो पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं. मैं उनको कहूंगा कि माफी मांगे.

 निर्मल सिंह ने कहा कि चीन-PoK की तरफ से अपना रास्ता बना रहा है, आज चीन जिस तरीके से बॉर्डर के ऊपर दस्तक दे रहा है. लद्दाख के एरिया में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिस प्रकार उसने हिमाकत किया है कि मैं रोल प्ले कर सकता हूं, चीन इस मामले में रोल प्ले करने वाला कौन होता है.
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