शिवरात्रि: सच्चे मन से करें भगवान शिव की आराधना, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की पुकार शीघ्र ही सुन लेते हैं। श्रावण शिवरात्रि के दिन जो भी सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करते हैं उनके हर कष्ट दूर हो जाते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

आज सावन की शिवरात्रि है। शिवरात्रि पर व्रत रखकर पूरी रात जागरण करते हुए भगवान शिव के स्तोत्रों का पाठ करने के साथ शिवलिंग का दूध से, गंगाजल से अभिषेक करते हुए पूजा-अर्चना करें। शिवरात्रि पर शिवलिंग पर जलाभिषेक आवश्यक माना गया है। इससे भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन शिवपुराण का पाठ मंगलकारी है। शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करने से समस्त पापों का नाश होता है।

कालसर्प दोष से मुक्ति की कामना रखने वालों को ब्रह्ममुहुर्त में शिव मंदिर जाना चाहिए। भगवान शिव को धतूरा अर्पित कर 108 बार ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। चांदी के नाग-नागिन के जोड़े को शिवलिंग पर अर्पित करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। शारीरिक पीड़ा से पीड़ित महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। पंचमुखी रुद्राक्ष की माला लेकर भगवान शिव के मंत्र ओम नमः शिवाय का जाप करने से हर तरह के क्लेश शांत हो जाते हैं।

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