कोटखाई गैंगरेप और मर्डर: शिमला में हालात बेकाबू, CM, पर फूटा लोगों का गुस्सा

गैंगरेप और हत्या के मामले में लोगों ने भाजपा, माकपा और दूसरे संगठनों के साथ मिलकर शिमला बंद कर दिया है. जगह जगह चक्का जाम चल रहा है, दुकानें बंद है जबकि कई जगहों पर हाथापाई भी हो रही है. सुबह दस बजे से लेकर ही शिमला ठप हो गया है. हालात बेकाबू हो गए हैं जबकि पुलिस बेबस नजर आ रही है.

भाजपा के शिमला बंद के आहवान का असर सुबह नौ बजे से ही देखने को मिला. शिमला के ढली, खलीणी, विक्ट्री टनल, संजौली, टुटू और बालूगंज जैसे एरिया में सुबह से ही चक्का जाम चल रहा है। शिमला की सड़कों पर लंबा जाम लग गया है. उधर, माकपा ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खो दिया है.

शहर में लगे जाम से सैलानी भी गाड़ियों में फंसे हैं. वहीं, स्कूली बच्चों और अन्य लोगों को पैदल ही अपने काम पर जाना पड़ रहा है. वहीं, भाजपा ने मालरोड और छोटा शिमला में सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतले भी जलाए हैं. लोगों का कहना है कि पहले तो आरोपियों को पकड़ने में गोलमाल हुआ. फिर थाने में एक आरोपी की हत्या हो गई.

शिमला बंद के चलते आम लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है. बीसीएस में अस्पताल जा रहे एक बुजुर्ग से प्रदर्शनकारियों ने हाथापाई तक कर डाली. कई अन्य जगहों पर भी शिमला बंद के नाम पर प्रदर्शनकारियों ने गुंडागर्दी कर दी.

वहीं, मामले को लेकर जनता का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है. प्रदेश सरकार और ‌ पुलिस के खिलाफ लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि पुलिस और सरकार की लापरवाही के चलते ही हालात बेकाबू हुए हैं. इस प्रदर्शन में स्कूली छात्र और कॉलेजों के छात्र भी शामिल हो गए हैं.

शिमला बंद में भाजपा ही नहीं, माकपा और दूसरे कई सामाजिक संगठन भी शामिल हुए हैं. वहीं, पुलिस प्रदर्शनकारियों के सामने बेबस नजर आ रही है. हर तरफ रैलियां निकाली जा रही हैं. शहर के सारे बाजार बंद कर दिए गए हैं. सरकार ने आईजी से लेकर एसपी तक के बड़े अफसर बदल दिए मगर लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है.

सुबह  के समय शहर जो बसें चली भी थीं उनके टायरों की हवा निकालकर उन्हें बीच सड़क में खड़ा कर दिया गया है. जो लोग जरूरी काम से निकलना चाह रहे हैं वे भी जाम में अटक गए हैं.

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