डोकलाम का इस्तेमाल राजनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए न हो: चीन

बीजिंग

डोकलाम में सीमा पर जारी तनाव के बीच चीन ने एक बार फिर भारत से अपनी सेना वापस बुलाने को कहा है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने मंगलवार को कहा कि भारत को अपने राजनीतिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिए अतिक्रमण को एक नीति के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

डोकलाम इलाके में भारतीय सेना के प्रवेश को अवैध बताते हुए उन्होंने कहा कि इसने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. लू के अनुसार, कई देशों के राजनयिक भारत के इस कदम से हैरान हैं.

इस बीच, मीडिया इस मुद्दे को ज्यादा ही उछाल रहा है. सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने मंगलवार को फिर से भारत को चेतावनी देते हुए लिखा कि चीन किसी भी तरीके के टकराव के लिए तैयार है. डोकलाम मुद्दे पर चीन युद्ध से पीछे नहीं हटेगा. अगर ऐसा हुआ तो भारत को इस टकराव का खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

अखबार ने कहा कि भविष्य में होने वाले सभी तरह के टकरावों के लिए तैयार रहना चाहिए. भारत अगर कई जगहों से मुश्किलों का सामना कर रहा है तो उसे वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भी टकराव का सामना करना होगा. उल्लेखनीय है कि 16 जून से बढ़े तनाव के बाद से ही चीनी मीडिया लगातार इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहा है. हाल ही में चीनी मीडिया की ओर से सेना द्वारा गोलीबारी का अभ्यास करते हुए वीडियो भी जारी किया गया था.

अखबार ने लिखा है कि भारत की इस तरह की कार्रवाई चीन की संप्रभुता को चुनौती है. जिस तरह से लगातार तनाव बढ़ रहा है, चीन को उसके लिए बिल्कुल तैयार रहना चाहिए. हालांकि, इसके साथ ही समझदारी का भी उपयोग करना चाहिए. अखबार के अनुसार, अगर भारत सीमा पर अपनी सेना को मजबूत करता है तो चीन भी ऐसा ही करेगा.

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