राष्ट्रपति चुनाव 2017: मतदान में व्हिप नहीं, हरियााणा में क्रास वोटिंग के आसार

हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा के 57 सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में सोमवार को पहली बार मतदान करेंगे. राज्यसभा सांसद के चुनाव के दौरान हालांकि उन्हें मतदान का अनुभव हो चुका है, लेकिन राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर इन विधायकों में खूब क्रेज है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेकर उनकी कैबिनेट के आठ मंत्री पहली बार राष्ट्रपति पद के चुनाव में वोट के अधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इस चुनाव में व्हिप नहीं जारी किया जा सकता है, ऐसे में क्राॅस वोटिंग की संभावना भी जताई जा रही है.

राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार सुबह नौ बजे से हरियाणा विधानसभा में मतदान शुरू हो जाएगा, जो शाम पांच बजे तक चलेगा. राज्य श्रम आयुक्त पंकज अग्रवाल को राष्ट्रपति चुनाव के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी लगाया गया है. अमूमन विधानसभा सचिव ही सहायक रिटर्निंग अधिकारी लगाए जाते हैं, लेकिन राज्यसभा चुनाव में स्याही विवाद के कारण इस बार विधानसभा सचिव नांदल को चुनाव इससे अलग रखा गया है.

राष्ट्रपति चुनाव के लिए हालांकि किसी भी पार्टी द्वारा व्हिप जारी करने का प्रावधान नहीं होता और सभी विधायक अपनी मर्जी से वोट डालने के लिए आजाद होते हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अप्रत्यक्ष रूप से अपनी पार्टी के विधायकों के लिए दिशा निर्देश जारी कर रखे हैं. बावजूद इसके क्रास वोटिंग होने की संभावना है.

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