अगर सेकंड हैंड सामान कम कीमत पर खरीदा-बेचा तो नहीं देना होगा जीएसटी

दिल्ली

देशभर में एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो गया है. इसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर सामान परचेस प्राइस के मुकाबले कम कीमत में बेचा या खरीदा जाएगा तो उसपर जीएसटी नहीं लगेगा. मसलन, यदि पुराना सामान ज्यादा कीमत पर बेचा या खरीदा जाता है तो उसपर जीएसटी लगाया जाएगा.

वित्त मंत्रालय की ओर से यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब पुराने सामान के व्यवसाय से जुड़े डीलर्स के बीच जीएसटी को लेकर असमंजस थी. मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पुराने सामान के डीलर्स और इस्तेमाल की जा चुकी बोतलों के कारोबारियों के लिए पेश की गई मार्जिन स्कीम को लेकर सावल उठाए जा रहे हैं.

वित्त मंत्रालय ने बताया है कि सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज (सीजीएसटी) नियम 2017 के मुताबिक, पुराने सामान या वस्तु की प्रकृति में बदलाव नहीं करने वाले कुछ प्रसंस्करण जिनके लिए इनपुट क्रेडिट टैक्स (आईसीटी) नहीं दिया जाएगा. इनके केवल सामान के परचेस प्राइस और सेलिंग प्राइस के बीच के अंतर पर जीएसटी लगाया जाएगा. अगर सेलिंग प्राइज परचेज प्राइस से कम है तो इस स्थिति में इसे नजर अंदाज किया जा सकता है.

सालाना 75 लाख रुपये तक का कारोबार करने वालों को भी GSTN पर कंपोजिशन स्कीम सालाना 75 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाले छोटे करदाता जीएसटी पोर्टल पर भी कंपोजीशन स्कीम का लाभ ले सकते हैं. इससे उन्हें दूसरे कारोबारों की तरफ से दर्ज मासिक रिटर्न के मुकाबले तीन महीने में एक बार रिटर्न दाखिल करने की अनुमति मिल जाएगी.

सरकार की इस योजना छोटे करदाताओं के लिए अनुपालन के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी. स्कीम के तहत व्यापारियों के लिए कर की दर एक फीसद होगी. मैन्यूफैक्चर्स को दो फीसद टैक्स चुकाना होगा. रेस्तरां पर इस योजना के तहत पांच फीसद टैक्स लगेगा.

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