NIA की जांच में यूपी विधानसभा में फिर मिला संदिग्ध पाउडर, जांच के लिए ATS को सौंपा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में हड़कंप मचा हुआ है. लगता है देश के सबसे बड़े सूबे में लोकतंत्र का मंदिर भगवान भरोसे है. सबसे पहले शुक्रवार को खतरनाक विस्फोटक का पता चला. इसकी गुत्थी सुलझती इससे पहले शनिवार को फिर संदिग्ध पाउडर से हड़कंप मच गया. हैरानी ये है कि हाई सुरक्षा जोन में सीसीटीवी कैमरे भी आंखें मूंदे नजर आए. हालांकी एनआईए जांच में जुटी है और सुस्त पड़ी क्वीक रिस्पॉस टीम मॉक ड्रिल में जुटी है.

वहीं इन सबके बीच जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना महसूद अजहर का ऑडियो संदेश जारी हुआ है, जिसमें उनसे पीएम मोदी और सीएम योगी पर जहर उगला है निशाना बनाने की बात कही है.

विधानसभा के बाहर एक मॉक ड्रिल हुआ. जिसमें आपात हालात से निपटने के लिए पुलिस की तैयारी का जायजा लिया गया. आग लगने की हालत में या किसी और हादसे के बाद के हालात को काबू करने की तैयारी के लिए ये मॉक ड्रिल किया गया.

वहीं एटीएस और एनआईए को जांच के दौरान पाउडर मिला. पाउडर को जांच के लिए भेजा गया है. जांच कर रही यूपी एटीएस और एनआईए की टीम को शुक्रवार रात तलाशी के दौरान ये पाउडर मिला है. हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि ये विस्फोटक है या नहीं, जिसे जांच के लिए भेज दिया गया है.

जहां विस्फोटक मिलने के बाद सुरक्षा की पोल की परते एक के बाद एक खुलती जा रही हैं. मामले की जांच कर रही  टीम को विधानसभा के अंदर लगे कई कैमरे खराब मिले हैं. वहीं सीसीटीवी की निगरानी के तरीके भी अब सवालों के घेरे में हैं.

विधानसभा की कॉरिडोर में लगे सीसीटीवी के कई कैमरे खराब पाए गए हैं. वहीं हॉल में लगे 6 कैमरे काम तो कर रहे थे, लेकिन वो कैमरे तब ही चलाए जाते हैं जब विधानसभा की कार्रवाई शुरू होती है. जैसे ही हॉल का गेट बंद होता है कैमरे बंद कर दिए जाते हैं. यानी रात को और सुबह के वक्त हॉल की निगरानी कैमरे से नहीं की जाती. यही वजह है कि जिस जांच टीम को सीसीटीवी से बड़ी उम्मीद थी उसके हाथ कुछ नहीं लगा है.

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