पूरे चीन को निशाना बना सके ऐसा परमाणु हथियार बना रहा भारतः अमेरिकी एक्सपर्ट

वाशिंगटन

अमेरिका के दो टॉप परमाणु विशेषज्ञों ने दावा किया है कि भारत अपने परमाणु हथियारों को विकसित कर रहा है और वो ऐसा पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन को ध्यान में रखकर कर रहा है. आफ्टर मिडनाइड के जुलाई-अगस्त अंक में छपे इन दोनों एक्सपर्ट के आर्टिकल में यह भी दावा किया गया है कि भारत एक ऐसी मिसाइल विकसित कर रहा है जो पूरे चीन को अपनी जद में ले ले.

इसके अनुसार सॉलिड फ्यूल, रेल मोबाइल अग्नी-2 मिसाइल जो अग्नी-1 का इम्प्रूवमेंट है 2 हजार किलोमीटर दूर स्थित निशाने पर परमाणु हथियार पहुंचा सकती है. उसकी जद में संभवतः पश्चिम, मध्य और दक्षिण चीन हैं.

आर्टिकल के अनुसार अग्नी-4 मिसाइल उत्तर-पूर्व भारत से पूरे चीन को निशाना बनाने में सक्षम है. इसमें यह भी कहा गया है कि भारत सॉलिड फ्यूल, रेल मोबाइल इंटरकॉनि्टनेंटल बलैस्टिक मिसाइल भी विकसित कर रहा है 5000 किमी दूर तक निशाना साध सकती है.

हैंस क्रिस्टेन्सन और रॉबर्ट नोरी के इंडियन न्यूक्लियर फोर्सेस टायटल के साथ लिखे आर्टिकल में कहा गया है कि भारत के पास 150-200 परमाणु हथियार बनानेके लिए प्लुटोनियम है लेकिन उसने अब तक 120-130 हथियार ही बनाए हैं.

दोनों के अनुसार भारत की परमाणु हथियारों को लेकर परंपरा रही है कि वो पाकिस्तान पर फोकस रही है लेकिन उसके परमाणु हथियारों को मॉडर्नाइज करने को देखकर लगता है कि वो चीन के साथ भविष्य में अपने रिश्तों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहा है. इसका परिणाम यह होगा कि भारत अगले दशक के भीतर खासी नई क्षमताएं पैदा कर लेगा, जिनसे यह भी तय होगा कि वह पाकिस्तान के खिलाफ परमाणु हथियारों की भूमिका को कैसे देखता है.

भारत द्वारा परमाणु हथियारों को विकसित किए जाने पर ध्यान आकर्षित करते हुए दोनों एक्सपर्ट ने कहा है कि दिल्ली के पास सात परमाणु सक्षम सिस्टम हैं जिनमें दो एयरक्राफ्ट, चार बलैस्टिक मिसाइल और एक समुद्र बेस्ड बलैस्टिक मिसाइल है. एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि भारत फिलहाल कम से कम 4 सिस्टम और डेवलप कर रहा है. यह डेवलपमेंट अभी डायनामिक फेज में पहुंच चुका है और अगले दशक के भीतर जमीन से जमीन और समुद्र में मार करने वाली परमाणु मिसाइल तैनात हो जाएगी.

आर्टिकल के अनुसार भारत ने 600 किलो प्लुटोनियम पैदा करने में सफलता पाई है जिससे कम से कम 150-200 परमाणु हथियार बन सकते हैं. हालांकि इस परे प्लुटोनियम से हथियार नहीं बनाए गए हैं.

 

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