1962 का संपादकीय दोबारा प्रकाशित कर चीनी मीडिया ने भारत को धमकाया

बीजिंग

भारत के साथ सिक्किम सीमा विवाद को लेकर चीनी मीडिया ने एक बार फिर से एक भड़काऊ हरकत की है. एक बार फिर से डोकलाम सीमा को लेकर चीनी सरकार के मुखपत्र माने जाने वाले पीपुल्स डेली ने एक पुराना संपादकीय दोबारा प्रकाशित किया है. 22 सितंबर 1962 के इस संपादकीय को दोबारा प्रकाशित कर, भारत पर आरोप लगाए गए हैं कि उसने चीन को पहले भी भड़काने का काम किया था जिसे वह अब दोहरा रहा है.

वहीं, संपादकीय को प्रकाशित करने के साथ यह भी लिखा गया है कि भारतीय सेना के उकसावे को चीनी लोग बरदाश्त नहीं करेंगे. लेख में उसने ‘क्षेत्रीय उकसावे’ को लेकर भारत को चेतावनी दी है. बीते सोमवार (10 जुलाई) को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, “अगर भारतीय जवान लंबे समय तक क्षेत्र में टिकने के इरादे से आ रहे हैं, तो ऐसे में कूटनीतिक समाधान कैसे ढूंढा जा सकता है? भारत को बिना किसी शर्त के अपने जवान वहां से हटाने चाहिए.”

बता दें यह पहला मामला नहीं है जब चीनी मीडिया ने भारत पर निशाना साधा हो. डोकलाम सीमा को लेकर एक और चीनी मीडिया संस्थान ने बीते सोमवार को भारत को धमकाने की कोशिश की. चीन के सरकारी टैबलॉयड ग्लोबल टाइम्स ने 10 जुलाई को अपने संपादकीय में तिब्बती झंडा फहराए जाने का उल्लेख करते हुए लिखा था कि अगर भारत ने डोकलाम विवाद पर तिब्बत कार्ड खेला तो हिन्दुस्तान खुद जल जाएगा.

गौरतलब है 9 जुलाई को भारतीय सेना के डोकलाम इलाके में लंबे समय तक रहने के लिए तैयारी करने की खबर सामने आई थी. इसी को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी किया था. भारत ने चीन के आक्रामक रुख से बेपरवाह होकर, चीन और भूटान के सीमा मिलन बिंदु के पास डोकलाम इलाके में अपने मौजूदगी स्थल पर लंबे समय तक बने रहने की तैयारी कर चुकी है. सिक्किम सेक्टर में करीब 10,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में दोनों सेनाओं के बीच तनातनी जारी है.

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