पनामागेट मामला: नवाज शरीफ की बेटी मरयम पर फर्जी दस्तावेज सौंपने का आरोप

इस्लामाबाद

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरयम नई मुसीबत में घिर गई हैं. पनामा पेपर लीक मामले की जांच करने वाले संयुक्त जांच दल (जेआइटी) ने उन पर जाली दस्तावेज सौंपने का आरोप लगाया है. उसने इसे आपराधिक मामला करार दिया है.

मरयम को राजनीति में शरीफ के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है. छह सदस्यीय जेआइटी ने शरीफ परिवार की विदेश में संपत्ति और मनी लांड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच कर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की. उसने 43 वर्षीय मरयम से चार जुलाई को पूछताछ की थी. उनके पति कैप्टन मुहम्मद सफदर से भी पूछताछ हुई थी.

इस मामले में प्रधानमंत्री शरीफ, उनके दोनों बेटों हुसैन व हसन और उनके भाई व पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ को भी पूछताछ का सामना करना पड़ा था. डॉन न्यूज के अनुसार, जेआइटी ने कहा कि मरयम, उनके भाईयों हुसैन व हसन के साथ ही उनके पति सफदर ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के लिए झूठे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इस बीच मरयम ने ट्वीट कर जेआइटी के आरोपों से इन्कार किया है.

जेआइटी की रिपोर्ट के अनुसार, मरयम ने 2009 से 2016 के दौरान 7.35 करोड़ से लेकर 83.73 करोड़ रुपये के उपहार प्राप्त किए. बीती सदी के अंतिम दशकों में उनकी संपत्ति में भारी वृद्धि हुई. उनकी आय का कोई स्रोत भी घोषित नहीं किया गया.

जेआइटी को सौंपे जाली दस्तावेज में मरयम ने माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के जिस फॉन्ट का इस्तेमाल किया था उससे उनकी पोल खुल गई. एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, जेआइटी ने अपनी रिपोर्ट के पेज संख्या 55 पर बताया कि मरयम के दस्तावेजों में ‘कैलिबरी’ फॉन्ट का इस्तेमाल किया गया.

यह फॉन्ट 31 जनवरी, 2007 के पहले तक आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं था. जबकि ये दस्तावेज 2006 के हैं. यह उजागर होने के बाद वह ट्विटर पर लोगों के निशाने पर आ गई. कई लोगों ने इसे फॉन्टगेट करार दिया. अहमर नकवी ने ट्वीट किया, ‘इन लोगों में ‘कैलिबरी’ ही नहीं इस मुल्क को चलाने का.’

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