हिमालय: 700 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, हिमाचल के युवाओं को मिलेंगी नौकरी

शिमला

केंद्र सरकार ने 700 करोड़ रुपए के मिड हिमालय प्रोजेक्ट-दो को मंजूरी प्रदान कर दी है. प्रस्ताव को अब अंतिम मंजूरी के लिए विश्व बैंक को भेजा जाएगा. केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में उन हजारों बेरोजगार युवाओं में रोजगार की आस जगी है, जिसमें लोगों को इस परियोजना के तहत पेड़ उगाने की एवज में पैसे दिए जाएंगे.

सरकार ने इस परियोजना में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का प्रावधान किया है. इसके तहत संबंधित क्षेत्र में जहां पर भी पौधारोपण दूसरे अन्य वन संबंधी कार्य किए जाएंगे उसमें स्थानीय लोगों की सहभागिता को सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए कमेटी का गठन होगा जो लोगों को इस कार्य से जोड़ेगी.

परियोजना से जुड़ने वाला व्यक्ति पौधारोपण के साथ रोपे जाने वाले पेड़ की तब तक देखभाल करेगा जब तक वह पेड़ बड़ा नहीं हो जाता. सरकार का ऐसा करने का मकसद प्रदेश में उगाए जाने वाले पौधों के सर्वाइव रेशों को बढ़ाना है.

इस परियोजना के तहत प्रदेश में भूमि और जल सरंक्षण पर भी काम किया जाएगा. इसमें पौधा रोपण पर अधिक जोर दिया जाएगा. इसके अलावा वनों में ऐसे क्षेत्रों का चयन किया जाएगा जहां पर टैंकों और तालाबों का निर्माण किया जाएगा. बारिश के पानी को रोकने के लिए जंगलों में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा ताकि भूमि कटाव को रोकने के साथ वर्षा जल को भी सहज करके रखा जा सके. इस काम में भी स्थानीय लोगों की ही मदद ली जाएगी. मिड हिमालयन परियोजन एक के तहत प्रदेश भर में बनाए गए वाटर टैंकों को सरकार ने पंचायतों और दूसरी अन्य यूजर एंजेसियों को सौंप दिया है.

सरकार के ऐसा करने का मकसद एक तो उन टैंकों को इस्तेमाल को बढ़ाना दूसर टैंकों का रख रखाव सुनश्चित बनाना है. अधिकारियों का तर्क है कि अगर यह टैंक संबंधित यूजर एजेंसी के पास रहेगें तो इनका अच्छे से इस्तेमाल हो सकेगा और पंचायतें उन टेंकों का मरम्मत कार्य भी कर सकेगी. इसी तरह पहले परियोजना में किए गए पौधारोपण को वन विभाग के सपुर्द कर दिया गया है. अब विभाग इन की देख रेख करेगी.

सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस परियोजना के कर्मचारियों को सरकार दूसरी परियोजना में समायोजित करेगी. रह गए 80 आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार शीघ्र निर्णय लेगी.

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