प्रदेश में आयुर्वेदिक दवाएं सस्ती करने की तैयारी में जुटी हिमाचल सरकार

हमीरपुर

हिमाचल में आयुर्वेदिक दवाइयों को सस्ती करने को लेकर सरकारी स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है. इसका सीधा लाभ प्रदेश के हजारों मरीजों को मिल सकेगा. जो सबसे पुरानी पद्धति आयुर्वेद से इलाज करवाते हैं. इसको लेकर एक बड़ी योजना को फाइनल कर दिया गया है.

स्टेट मेडिसन प्लांट बोर्ड को सीएम वीरभद्र सिंह जो इसके चेयरमैन भी हैं ने शीघ्र नीति बनाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं. योजना के तहत जहां आम लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सकेंगी, वहीं लावारिस पशुओं के कारण खेतीबाड़ी करना छोड़ रहे परिवार फिर से बंजर या उपजाऊ भूमि पर आयुर्वेद के लिए बड़े स्तर पर जड़ी-बूटियों की पैदावार करेंगे.

सरकारी योजनाओं को सफल बनाने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर्स को भी इसी पद्धति की दवाइयां ज्यादा मरीजों को लिखने के भी आदेश जारी हो गए हैं.

जो योजना तैयार हुई है उसके तहत इस समय प्रदेश में 200 के करीब फार्मेसी और सरकारी क्षेत्र में माजरा, जोगिंद्रनगर और पपरोला में भी फार्मेसी है. जो राज्य सरकार पॉलिसी बना रही है उसके तहत बाकायदा दवाइयों से लेकर रॉ मेटिरियल तक के दाम तय होंगे.

मांग के अनुरूप हिमाचल में उन्हें सामान मिलने के कारण समस्या बढ़ती रही है, ऐसे में जहां किसान खेतीबाड़ी छोड़ चुके हैं या कहीं उनकी बंजर भूमि है तो वहां वह फार्मेसी की मांग पर जड़ी-बूटियों की पैदावार करेंगे. इसका लाभ यह है कि इन्हें लावारिस पशु भी खराब नहीं करते हैं. किसानों के लिए भी इन्हें बेचने पर दाम तय होंगे.

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