शिमला: न्याय दिलाने शहर ने निकाला कैंडल मार्च, 10वीं कक्षा की छात्रा का हुआ था मर्डर

शिमला

वहशी दरिंदों को गिरफ्तार करो, बहादुर बेटी अमर रहे, जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा. कोटखाई के महासू में 10वीं कक्षा की मासूम बेटी को मौत के घाट उतारने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर शहर के लोग सड़क पर उतर गए. शनिवार को जहां सैकड़ों लोगों ने संजाैली से लेकर रिज मैदान तक कैंडल मार्च निकाला, वहीं छात्र संगठन एसएफआई और एनएसयूआई ने सरकार अौर पुलिस प्रशासन के खिलाफ डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया.

संजौली चौक से करीब 3.30 बजे सैकड़ों लोग रिज मैदान की ओर कैंडल मार्च निकालते हुए निकले. लोगों का कहना है कि प्रदेश में इस तरह का पहला मामला सामने आया है, जिसमें एक छात्रा की इस तरह से निर्मम हत्या हुई है. किन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया, पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही है. समाज सेवक केशव चौहान का कहना है कि मृतक छात्रा की आत्मा की शांति और अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए यह कैंडल मार्च निकाला गया है.
धरने पर बैठ सकते हैं शहर के लोगः कैंडल मार्च में शामिल लोगों का कहना है कि आने वाले दो दिनों के भीतर यदि छात्रा के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह रिज मैदान पर धरने में बैठ जाएंगे.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौड़ ने कोटखाई की छात्रा के साथ बलात्कार और हत्या मामले में एसआईटी के गठन की मांग की है. इस मामले को गंभीरता से ले और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई जाए.
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