एयर इंडिया को टुकड़ों में बेच सकती है सरकार, पीएम मोदी जल्द बिक्री के पक्ष में

दिल्ली

घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को बेचने के लिए केंद्र सरकार ब्रेकअप प्लान पर विचार रही है. इसके तहत खरीददारों को आकर्षित करना और संभावित खरीदारों के लिए इसे फायदे का सौदा बनाना है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया को बेचने की ये प्रक्रिया अगले साल से शुरू हो सकती है क्‍योंकि पीएम मोदी अपना कार्यकाल पूरा होने तक ही इस प्रक्रिया को पूरा करना चाहते हैं. पिछले महीने ही मोदी कैबिनेट ने एयर इंडिया में विनिवेश को मंजूरी दी थी. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले कई सालों में एयर इंडिया के रख-रखाव में अरबों डॉलर खर्च किए हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में पांच मंत्रियों की एक समिति की पहली बैठक शीघ्र ही बुलाई जाएगी. खबर ये भी है कि इसे बेचने की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू की जाएगी. फिलहाल एयर इंडिया को खरीदने के लिए सिर्फ टाटा समूह और इंडिगो दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

1930 में पहली बार अस्तित्व में आई एयर इंडिया कई पीढ़ियों तक अपने महाराजा मस्कट के कारण काफी चर्चित रही जो कि अब 8.5 बिलियन डॉलर के कर्ज के बोझ तले दबी है. सरकार 2012 से लेकर अब तक कर्ज से उबरने के लिए करीब 3.6 डॉलर का निवेश कर चुकी है.

कभी देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी रही एयर इंडिया का मार्केट शेयर घरेलू बाजार में इंडिगो और जेट एयरवेज जैसी निजी विमानन कंपनियों के आने के बाद गिरकर 13 फीसद रह गया. एयर इंडिया को कर्ज से उबराने के लिए सरकारों द्वारा पूर्व में उठाए गए सभी कदम असफल रहे हैं. अगर मोदी सरकार इसे बेचने में सफल हो जाती है तो एक सुधारक के रूप में पीएम की छवि और मजबूत होगी.

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