बेनामी संपत्ति मामला: लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के ठिकानों पर ED के छापे

एक तरफ CBI तो दूसरी ओर ED, RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. शुक्रवार को लालू के 12 ठिकानों पर CBI के छापों के बाद, शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार के ठिकानों पर छापे मारे.

बताया जा रहा है कि दोनों से पूछताछ भी की गई है. हालांकि शुक्रवार को हुई छापेमारी से इसका कोई ताल्लुक नहीं है. यह मामला मीसा और शैलेश की बेनामी संपत्ति से जुड़ा है.

शनिवार सुबह ईडी ने मीसा भारती और शैलेश के तीन ठिकानों पर छापे मारे. इनमें घिटोरनी, बिजवासन और सैनिक फार्म शामिल हैं. प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि दो और परिसर एजेंसी के जांच के दायरे में हैं और इनकी तलाशी बाद में ली जा सकती है.

एजेंसी द्वारा की जा रही यह छापेमारी दो भाइयों सुरेंद्र कुमार जैन, वीरेंद्र जैन और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच से संबंधित है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल करते हुए करोड़ों रुपये के काले धन को सफेद में बदला.

जैन भाइयों को प्रवर्तन निदेशालय गिरफ्तार भी कर चुका है. गिरफ्तार भाइयों द्वारा चलाई जा रही कंपनी में से एक फर्म मिशैल पैकर्स ऐंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड भी है. मीसा और उनके पति पहले कथित तौर पर इस फर्म के निदेशक रह चुके हैं.

आपको बता दें कि बेनामी संपत्ति मामले में मीसा भारती के खिलाफ आईटी और ईडी की जांच चल रही है. पिछले दिनों मीसा आयकर विभाग के सामने पूछताछ के लिए पेश भी हुई थीं. विभाग ने कार्रवाई करते हुए लालू के परिवार की 12 संपत्तियों को अटैच भी किया था. IT डिपार्टमेंट ने मीसा भारती, उनके पति शैलेश कुमार, उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, रागिनी और चंदा यादव की 12 संपत्तियां अटैच की थीं.

लालू यादव इन आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं. शुक्रवार को सीबीआई ने रेलवे के कथित होटल घोटाले में कार्रवाई करते हुए लालू के कई ठिकानों पर छापे मारे थे. 2006 के इस मामले में लालू पर केंद्रीय रेल मंत्री रहते हुए एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है.

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