रेलवे होटल टेंडर मामले में लालू यादव के 12 ठिकानों पर सीबीआई ने की छापेमारी

दिल्ली

सीबीआई द्वारा लालू यादव के ठिकानों पर मारे गए छापों के बाद लालू यादव ने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाए हैं. वहीं, दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा है कि इस पूरी कर्रवाई में केंद्र का कोई हाथ नहीं है.

खबरों के अनुसार, शुक्रवार को इस मामले में बयान देते हुए केंद्रीय सूचना और तकनीक मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि भाजपा के खिलाफ आरोप लगाना इन दिनों विपक्ष का फैशन बन गया है. उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के घर चल रहे सीबीआई छापे में केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है.

उन्होंने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि “मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि लालू यादव के मामले में सरकार का कोई रोल नहीं है. अपने ऊपर लगे आरोपों का सामना करने और उसका डटकर जवाब देने के बजाय कुछ विपक्षी पार्टियों का भाजपा और सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाना फैशन बन गया है.”

नायडू ने आगे कहा कि मुझे उम्मीद है कि “लोगों को जल्द ही ये समझ आ जाएगा कि ये पार्टियां सरकार के उपर आरोप लगाकर अपने उपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को छुपाने की कोशिश कर रही है. लालू प्रसाद यादव पर आरोप सरकार के द्वारा नहीं लगाए गए हैं बल्कि ये काफी पहले से चले आ रहे हैं. कानून अपना काम कर रही है.” इसके पहले भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि “जनता दल (यूनाइटेड) ने सबसे पहले लालू यादव के डिलाइट मार्केटिंग अनियमितताओं को उजागर किया था.”

गौरतलब है कि, सीबीआई ने होटल मेंटेनेंस कॉंट्रैक्ट अवॉर्ड संबंधित मामले में आज लालू यादव के पटना, दिल्ली, गुड़गांव और दूसरे जगहों सहित 12 ठिकानों पर छापे मारे. ये तब के मामले हैं जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे. मामले में निजी कंपनियों को स्टेशन के नजदीक रेलवे होटल सर्विस चालू करने के लिए अवॉर्ड टेंडर करने के आरोपों की भी जांच सीबीआई कर रही है.

आयकर विभाग द्वारा लालू यादव की बेटी मीसा यादव और उनके पति शैलेष कुमार के खिलाफ नई दिल्ली और दूसरे क्षेत्र में भ्रष्टाचार के आरोप के एक सप्ताह के बाद सीबीआई ने ये छापे डाले हैं. अपने सहयोगी के खिलाफ दर्ज सीबीआई मामलों के मद्देनजर, नीतीश कुमार ने राजगीर में एक बैठक के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया है.

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