DDCA: केजरीवाल की याचिका पर अरुण जेटली को दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को नोटिस जारी किया है. इस याचिका में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) में अनियमितता और गड़बड़ी से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की बात कही थी.

यहां पर बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने अरुण जेटली पर डीडीसीए में पद पर रहने के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और लगातार कई मंचों से कई सौ करोड़ के घोटाले के आरोप लगाते रहे थे. बिना सुबूत लगातार आरोप लगाने पर अरुण जेटली ने अरविंद केजरीवाल पर 10 करोड़ की मानहानि का केस दायर किया है.

गौरतलब है कि डीडीसीए में अनियमितता पर दिल्ली सरकार के विजिलेंस विभाग ने चेतन सांघी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी. चेतन सांघी ने दिल्ली सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट में उन्होंने डीडीसीए में घोटालों का खुलासा किया है, रिपोर्ट में 2002 से अब तक की जांच की गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, डीडीसीए ने फ़िरोज़शाह कोटला के दोबारा निर्माण का फैसला लिया था जो 2002 से 2007 तक चला. इस पर 24 करोड़ ख़र्च होने थे पर ख़र्च 114 करोड़ रुपए हुए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेडियम के अधिकतर कामों के लिए टेंडर निकालने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके इलावा डीडीसीए ने स्टेडियम में 12 कॉर्पोरेट बॉक्स बनाए जो उचित प्रक्रिया के बिना कंपनियों को लीज़ कर दिए गए.

रिपोर्ट के अनुसार स्टेडियम के निर्माण में शामिल अधिकतर कंपनियां डीडीसीए के अधिकारियों की ‘फ्रंट’ कंपनियां हैं इसीलिए बजट जान-बूझकर कई गुना बढ़ाया गया.

डीडीसीए फ़िरोज़शाह स्टेडियम को शहरी विकास मंत्रालय से लीज़ पर लेकर चलाता है. इसके बदले डीडीसीए मंत्रालय को हर साल लगभग 25 लाख रुपए देता है.

मंत्रालय को आज की दर से 16 करोड़ रुपये सालाना मिलने चाहिए. रिपोर्ट के अनुसार इस विवाद के कारण डीडीसीए के पास स्टेडियम चलाने के लिए फिलहाल कोई लीज़ नहीं है.

 

 

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