ईरान के शीर्ष धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने फिर अलापा कश्मीर राग

तेहरान

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा है. यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार है जब ईरान ने कश्मीर पर टिप्पणी की है. ईरान और इजरायल के आपसी रिश्ते अच्छे नहीं हैं. पीएम मोदी के इजरायल दौरे के बीच आई दूसरी टिप्पणी की टाइमिंग इस लिहाज से भी अहम है.

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के मुताबिक, खुमैनी ने कश्मीर पर टिप्पणी करते हुए ‘उत्पीड़न’ का शिकार मुस्लिमों के समर्थन की अपील की है. नई दिल्ली और तेहरान के बीच एक नैचुरल गैस फील्ड को विकसित करने को लेकर विवाद के बाद भारत ने अपना झुकाव सऊदी अरब की तरफ थोड़ा बढ़ा दिया है.

इस तरह के घटनाक्रम से एक बात साफ हो गई है कि फिलहाल नई दिल्ली के अजेंडे में भारत-ईरान संबंध पर कुछ खास फोकस नहीं है. इससे पहले खुमैनी ने ईद के अपने संबोधन में भी कश्मीर का जिक्र किया था. सोमवार को खुमैनी ने ईरान की न्यायपालिका से कई मुस्लिम मुद्दों पर समर्थन देने की अपील की.

IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें ‘उत्पीड़ित’ मुस्लिम नेता शेख जकजकी या म्यांमार-कश्मीर जैसी जगहों पर ‘पीड़ित’ मुसलमानों के लिए अपील की गई है.

खुमैनी ने एक बार 2010 में भी कश्मीर पर टिप्पणी की थी. तब भारत सरकार ने ईरान के कार्यकारी ऐंबैसडर को समन कर अपना विरोध दर्ज किया था. इस बार खुमैनी की दोनों टिप्पणी पर भारत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. ईद के मौके पर भी खुमैनी ने भीड़ को संबोधित करते हुए कश्मीर का जिक्र किया था.

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