भारत से ‘आर या पार की जंग’ जीतने के लिए PCB ने उठाया यह कदम

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बीसीसीआइ के खिलाफ मुआवजे के दावे से जुड़े मामले को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) की विवाद निवारण समिति के पास ले जाने का फैसला किया है. पीसीबी ने यह मामला भारतीय टीम द्वारा पाकिस्तानी टीम के साथ क्रिकेट मैच न खेलने को लेकर उठाया है.

पीसीबी के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष शहरयार खान, कार्यकारी समिति के चेयरमैन नजम सेठी और मुख्य संचालन अधिकारी सुभान अहमद ने पिछले महीने बर्मिंगम और लंदन में बीसीसीआइ प्रतिनिधियों के साथ इस सिलसिले में तीन अलग-अलग बैठकें की हैं.

उन्होंने कहा, ‘इनमें से दो बैठकों में आइसीसी मुख्य कार्यकारी डेव रिचर्डसन भी उपस्थित थे जबकि तीसरी बैठक आइसीसी कार्यकारी बोर्ड की बैठक से इतर हुई और उसमें आइसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर भी थे. इन तीनों बैठकों में बीसीसीआइ अधिकारियों ने कहा कि वे सरकार से मंजूरी लिए बिना पाकिस्तान से द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेल सकते हैं.

सूत्र ने आगे बताया, ‘उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक स्थिति के कारण सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज को मंजूरी नहीं दे रही है और इसलिए पीसीबी को मुआवजा देने का सवाल ही पैदा नहीं होता.’

उन्होंने कहा कि पीसीबी चेयरमैन ने कहा कि बीसीसीआइ को 2014 में करार पर हस्ताक्षर करने से पहले यह सोचना चाहिए था. सूत्र ने कहा, ‘ ‘बीसीसीआइ ने करार में छह सीरीज खेलने का वादा किया था लेकिन अब तक एक भी सीरीज नहीं खेली गई है.

पीसीबी चेयरमैन ने यह भी साफ किया पीसीबी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलने के लिये बीसीसीआइ से लगभग 447 करोड़ रुपये का मुआवजा चाहता है.’ इससे पहले खबर आई थी कि पीसीबी अध्यक्ष खान ने आइसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर को पाकिस्तान आमंत्रित किया है.

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