हिंद महासागर में भी चीन की घुसपैठ, भारतीय सीमा में तैनात की पनडुब्बी

दिल्ली

सिक्किम सीमा पर भारत और चीन के बीच पिछले एक महीने से जारी गतिरोध बढ़ता जा रहा है. सीमा पर भारत और चीन ने सेनाएं बढ़ा दी हैं और अब खबर है कि चीन ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी पनडुब्बी तैनात कर दी है.

युआन क्लास की ये परंपरागत डीजल-बिजली से चलने वाली पनडुब्बी भारतीय उपमहाद्वीप के पनडुब्बियों से बेहतर है. बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने इस तरह की पनडुब्बी तैनाती की है. इससे पहले वह 6 बार इस तरह की पनडुब्बी तैनात कर चुका है.

दोनों देशों में मौजूदा तनाव के बीच भारत पर दबाव बनाने के साथ-साथ पनडुब्ब्बी तैनात करने के और क्या मायने हैं, ये हम यहां बता रहे हैं:

चीन बीते तीन-चार सालों से एन्टी-पाइरेसी मिशन (समुद्री लुटेरों के खिलाफ अभियान) के नाम पर हिन्द महासागर क्षेत्र में अपनी असामान्य नौसैनिक उपस्थिति बनाये हुए है. इसको लेकर भारत की स्वाभाविक चिंताए और शंकाएं हैं.

हिन्द महासागर में चीन की ये नौसैनिक उपस्थिति भारत के लिए चिंताजनक ज़रूर है लेकिन भारतीय नौसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय जल में इसकी लगातार निगरानी कर रही हैं.

मौजूदा समय में चीन की एक पनडुब्बी समेत 13 नौसैनिक पोत हिन्द महासागर क्षेत्र में हैं. जिनमें 4 नए योद्धपोत पहले से तैनात 4 लड़ाकू जहाज़ों को रिलीव करने के लिए भेजे गए हैं. साथ ही 4 चीनी नौसैनिक पोत OBOR संपर्क अभियान के नाम पर इस इलाके में हैं.

भारत अपने नौसैनिक जहाजों, विमानों और सैटेलाइट के जरिये चीन नौसेना के युद्वपोतों की हिन्द महासागर में हर आवाजाही पर सतत निगरानी करता है.

माना जा रहा है कि चीन की कोशिश अपने नौसैनिक जहाज़ के जरिये अगले कुछ दिनों के भीतर हिन्द महासागर क्षेत्र में शुरू होने जा रहे भारत-अमेरिका और जापान के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास मालाबार एक्सरसाइज़ पर भी नज़र रखने की होगी.

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