जीएनडीयू में फर्स्ट ईयर के छात्रों को पढ़ाया जाएगा ‘नशा, प्रॉब्लम्स और प्रिवेंशन’ सब्जेक्ट

अब पंजाब में ड्रग एब्यूज के बारे में पढ़ाया जाएगा ताकि युवा नशे और उसके बुरे प्रभाव को समझें और इससे दूर रहें। सेशन 2017-18 से गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के अंडर आने वाले सभी कॉलेजों में ड्रग एब्यूज को एक सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाएगा।

अंडर ग्रेजुएट यानी कि हर ग्रेजुएशन कोर्स में ‘ड्रग एब्यूज: प्रॉब्लम, मैनेजमेंट एंड प्रिवेंशन’ एक कंपल्सरी सब्जेक्ट होगा। जिन कॉलेजों में नंबर सिस्टम है, उसमें 50 नंबर का पेपर होगा और यूनिवर्सिटी के जिन रीजनल सेंटरों में क्रेडिट बेस्ड सिस्टम है, उनमें ग्रेडिंग होगी। यह विषय ग्रेजुएशन के पहले और दूसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा। यह कंपल्सरी सब्जेक्ट पर इसके नंबर टोटल मार्क्स में शामिल नहीं होंगे।

पहले सेमेस्टर में ड्रग एब्यूज, ड्रग्स हिस्ट्री, ड्रग्स डिपेंडेंसी, ड्रग एडिक्शन, फिजिकल और साइकोलॉजिकल डिपेंडेंसी के बारे में पढ़ाया जाएगा। ड्रग टॉलरेंस और विद्ड्राल लक्षणों के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। इसके साथ टाइप्स ऑफ ड्रग्स और उसके प्रभावों में बैंजेड्रिन, कोकीन, अल्कोहल, हेरोइन, मोरफीन, मारिजुआना, हशीश, हैश ऑयल के साथ- साथ स्टेरॉयड और शरीर पर होने वाले उसके नुकसान के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। साथ ही ड्रग एब्यूज ऑफ इंडिया और पंजाब में एज, जेंडर, इकोनॉमिक स्टेट्स के साथ ड्रग्स के प्रयोग के साथ साथ ड्रग्स के साइन, लक्षणों और बिहेवियर के बारे में पढ़ाया जाएगा।

दूसरे सेमेस्टर में सभी ग्रेजुएशन कोर्सेस में ड्रग्स के नुकसान के साथ- साथ एजुकेशन, इंप्लायमेंट होना और इनकम इश्यूज के बारे में बताया जाएगा। फैमिली में हिंसा कैसे बढ़ती है, सोसायटी में क्राइम कैसे बढ़ते है और कैसे देश में लॉ और ऑर्डर की प्राब्लम आती है, इस बारे में जानकारी दी जाएगी। दूसरे सेमेस्टर में मेडिकेशन, ट्रीटमेंट, ड्रग डीएडिक्शन क्लिनिक, काउंसलिंग, फैमिली और ग्रुप थैरेपी के बारे में बताया जाएगा।

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